राजस्थान हाईकोर्ट से सचिन पायलट गुट को एक बार फिर मिली राहत, नोटिस पर फिलहाल स्टे लगाया

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राजस्थान में पिछले दो हफ्ते से जारी सियासी उठापटक पर राजस्थान हाईकोर्ट से कांग्रेस नेता सचिन पायलट गुट को एक बार फिर राहत मिली है। ​कोर्ट ने विधानसभा स्पीकर के नोटिस पर फिलहाल के लिए स्टे लगाते हुए यथास्थिति को बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। यानी कोर्ट का निर्णय आने तक स्पीकर विधायकों को अयोग्य करार नहीं ठहरा सकेंगे। हालांकि, अन्य मामलों को लेकर अदालत में सुनवाई जारी है। आगे की सुनवाई में इस मामले के कानून पर चर्चा की जाएगी।

बता दें कि कांग्रेस नेता सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने स्पीकर के नोटिस के खिलाफ अदालत जाने का फैसला किया था। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राजस्थान स्पीकर को पायलट गुट के विधायकों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न करने का आदेश सुनाया था। इसके बाद स्पीकर ने अपने अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने भी सुनवाई टालने से मना कर दिया था।

हाईकोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार को बनाया पक्षकार

राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सचिन पायलट गुट के विधायक पृथ्वीराज मीणा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने की बात कही गई थी। केंद्र के पक्षकार बनने के बाद केंद्रीय कानून मंत्रालय की ओर से अदालत में कानूनी पक्ष रखा गया। वहीं, राजस्थान स्पीकर की तरफ से याचिका दायर की गई कि सचिन पायलट गुट ने केंद्र को पक्षकार बनाने की जो अपील की है, वो गलत है। इस अपील को खारिज किया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र को पक्षकार बनाने वाली याचिका को सही ठहराया है।

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विधानसभा स्पीकर मामले को लेकर पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट की ओर से कार्रवाई न करने का आदेश देने को राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने संविधान का उल्लंघन मानते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया। अपनी याचिका में सीपी जोशी ने दावा किया कि जबतक स्पीकर कोई फैसला न ले लें, तबतक अदालत उनके कामकाज में दखल नहीं दे सकती है। हालांकि, कई घंटों तक चली सुनवाई के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से मना कर दिया। अदालत ने कहा कि एक दिन की बात है पहले उच्च न्यायालय का फैसला आ जाए, इसके बाद सोमवार को इसपर सुनवाई की जाएगी।

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