मदन मोहन मालवीय: भारत में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्थापक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की 12 नवंबर को 73वीं पुण्यतिथि हैं। वह एक प्रसिद्ध शिक्षाविद, वकील,…

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बर्डमैन ऑफ इंडिया: उल्लेखनीय रहा है सलीम अली का योगदान

सलीम अली को ‘बर्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। वह पक्षीविज्ञानी और प्रकृतिवादी थे। उनका जन्म 12 नवंबर, 1896 को बॉम्बे के एक सुलैमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में हुआ…

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अमजद खान B’day : एक ऐसा विलेन जिसकी फोटो देखकर आज भी बच्चे डरते हैं

बॉलीवुड में जब भी विलेन की बात होती है तो गब्बर सिंह का नाम सबसे पहले लिया जाता है। “कितने आदमी थे”? फिल्म शोले ये कालजयी डायलॉग आज भी लोगों के बीच…

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जॉनी वॉकर बस में यात्रियों को हंसाने के लिए करते थे कॉमेडी, ऐसे बने बॉलीवुड के कॉमेडियन एक्टर

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन के रूप में प्रसिद्ध एक्टर जॉनी वॉकर की 11 नवंबर को 93वीं बर्थडे एनिवर्सरी हैं। वॉकर ने अपने कॅरियर की शुरूआत एक बस कंडक्टर की नौकरी के साथ…

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पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी एन शेषन का निधन, अपने कार्यकाल में बदल दी थी देश के चुनावों की तस्वीर

भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त टी एन शेषन का रविवार 10 नवंबर को 86 वर्ष की अवस्था में निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया। उनका निधन चेन्नई में हुआ।…

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डॉ. कैलाश वाजपेयी: ‘हवा में हस्ताक्षर’ काव्य संग्रह के लिए मिला था साहित्य अकादमी पुरस्कार

हिन्दी साहित्य के प्रसिद्ध कवि और लेखक डॉ. कैलाश वाजपेयी की 11 नवंबर को 83वीं बर्थ एनिवर्सरी हैं। वाजपेयी दार्शनिक मिजाज के कवि थे। उन पर अद्वैतवाद और बौद्ध दर्शन का गहरा…

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राजस्थानी भाषा के पेरोकार थे विजयदान देथा, उनके उपन्यासों पर बन चुकी हैं कई फिल्में

राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध साहित्यकार और बिज्जी के नाम से मशहूर विजयदान देथा की 10 नवंबर को छठीं डेथ एनिवर्सरी है। उन्हें साहित्य अकादमी और पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया…

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सुरेन्द्रनाथ बनर्जी को अंग्रेजों की भेदभाव नीति के कारण छोड़नी पड़ी नौकरी

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान देने वालों में सुरेन्द्रनाथ बनर्जी का महत्वपूर्ण स्थान था। 10 नवंबर को सुरेन्द्रनाथ की 161वीं बर्थ एनिवर्सरी हैं। वह ब्रिटिश हुकूमत के विरूद्ध लड़ने वाले शुरूआती…

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कन्हैयालाल सेठिया: राजस्थानी भाषा को राजस्थान की मातृभाषा बनाने के पक्ष में किया था समर्थन

राजस्थान के प्रसिद्ध कवि और स्वतंत्रता सेनानी कन्हैयालाल सेठिया की 11 नवंबर को 11वीं डेथ एनिवर्सरी हैं। वह राजस्थानी और हिंदी के प्रसिद्ध कवि थे। उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध काव्य रचना ‘पाथल-पीथल’ है।…

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धोंडो केशव कर्वे: एक समाज सुधारक जिसने विधवा विवाह और स्त्री शिक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया

आजादी के समय महिलाओं के उत्थान में विशेष भूमिका निभाने वाले समाज सुधारक धोंडो केशव कर्वे (डी के कर्वे) की 9 नवंबर को 57वीं डेथ एनिवर्सरी हैं। उन्हें महर्षि कर्वे के नाम…

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के आर नारायणन: इस वजह से क्लासरूम से बाहर सुनते थे लेक्चर, बने देश के 10वें राष्ट्रपति

भारत के 10वें राष्ट्रपति के आर नारायणन की 9 नवंबर को 14वीं डेथ एनिवर्सरी है। वह बतौर राष्ट्राध्यक्ष के रूप में वोट देने वाले पहले राष्ट्रपति थे। उन्होंने वर्ष 1998 के लोकसभा…

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सितारा देवी: वह ​कथक नृत्यांगना जिसने ‘पद्मभूषण’ पुरस्कार लेने से माना किया, जानिए इसकी वजह

भारत की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सितारा देवी की 8 नवंबर को 99वीं बर्थ एनिवर्सरी हैं। जब वह मात्र 16 साल की थी, तब उनकी नृत्य कला को देखकर रबीन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हें…

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