एक किलो कैविअर अंडों की कीमत सुनकर आपका सिर चकरा जाएगा, जानिए ये क्या काम आते हैं?

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कैविअर, मछली की एक खास प्रकार की प्रजाति है, जिसके अंडों की कीमत सुनकर हर कोई हैरान हो सकता है। दुनिया में सबसे महंगे बिकने वाले इन अंडों को कैविअर ऐग के नाम से जाना जाता है। कैविअर के अंडों से तैयार होने वाले भोजन को शाही पकवान कहा जाता रहा है। इसके पीछे का कारण यह है कि ये पहले बहुत महंगे हुआ करते थे, हर किसी के लिए खरीद पाना आसान नहीं था। रोमन बादशाहों और प्राचीन यूनानी राजाओं के जमाने से कैविअर ऐग बेहद खास शाही पकवान में शामिल रहे हैं। एक आउंस यानी 30 ग्राम अंडों की कीमत साढ़े तीन से 5 हजार रुपए तक, कभी कभी इससे भी ज्यादा होती है। आइये हम आपको बताते हैं इन अंडों की क्या खासियत है और ये इतने महंगे क्यूं है..

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स्टर्जियन नाम की समुद्री मछली की प्रजाति से मिलते हैं ये अंडे

स्टर्जियन नाम की समुद्री मछली की एक खास प्रजाति से ये अंडे मिलते हैं। इस मछली की कुछ प्रजातियां होती हैं। इन्हीं के आधार पर रॉयल कैविअर, इंपीरियल कलुगा कैविअर जैसे ब्रांड्स के तहत इनके अंडों को बेचा जाता है। समुद्री सीमा से लगे समृद्ध देशों का पकवान रहे कैविअर अंडे पिछले कुछ समय से भारत में भी उपलब्ध हैं।

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क्या होते हैं कैविअर अंडे?

स्टर्जियन मछली के ऐसे अंडे जो निषेचित नहीं होते यानी किसी जीव को जन्म नहीं देते और जो नमक घुले पानी या रसायन के साथ पाले जाते हैं, उन्हें कैविअर ऐग के नाम से जाना जाता है। एक समय कई दशकों पहले स्टर्जियन मछली की प्रजातियों पर जब ​अस्तित्व का संकट आया। 1921 से इसे विलुप्त हो रही प्रजाति मानकर इसका संरक्षण किया जा रहा है। इस वजह से इसके अंडों की कीमतों में तेजी से उछाल आना शुरू हुआ।

जानकारी के लिए बता दें कि जिन देशों में स्पोर्ट्स फिशिंग यानी मछली का व्यापारिक आखेट को लीगल माना जाता है, वहां भी इन स्टर्जियन मछली को संरक्षण दिया जाता है। इनका शिकार न हो, इसके लिए सभी तरह के बंदोबस्त किए जाते हैं। शिकार की गई स्टर्जियन मछली से पके अंडे मिलने की संभावना न के बराबर होती है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2006 में यूएन की एजेंसी ने एक आदेश जारी कर वाइल्ड स्टर्जियन मछली के अंडों के व्यापार को सीमित कर दिया था।

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फार्मिंग तकनीक से उत्पादन तेजी से बढ़ रहा

अगर पिछले करीब 20 सालों की बात की जाए तो अमेरिका में कैविअर ऐग के उत्पादन में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है। यहां अब 75 हज़ार पाउंड सालाना तक उत्पादन हो रहा है, जो पहले कभी 5 हजार पाउंड होता था। इसकी वजह एक्वा फार्मिंग तकनीक है, जिसके चलते इन अंडों की कीमतों में काफी कमी आई है।

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क्या खास है कैविअर अंडों में?

कैविअर ऐग को पुरानी शराब की तरह माना जाता है। ये जितने ज्यादा वक्त तक स्टोर होते हैं, उतने ही स्वादिष्ट और गुण वाले होते हैं। इन अंडों को फ्रीजर में ठीक तरह से स्टोर किया जाए तो ये एक महीने तक सेवन किए जा सकते हैं। कैविअर ऐग के बारे में कहा जाता है कि इसमें वियाग्रा जैसे गुण होते हैं, जो पुराने जमाने में मर्दानगी के लिए काम में लिए जाते थे। इनका जिक्र साहित्य में भी मिलता है। इन अंडों के बारे में एक मशहूर कहावत रही है कि ‘अब तो हंसों, तुम्हें कैविअर तो मिल गए।’ इसकी वजह ये है कि इन अंडों में ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो किसी भी प्रकार के डिप्रेशन और अन्य डिसऑर्डर में लाभ देता है।

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