स्वदेशी कोवाक्सिन टीका लगवाने के लिए सहमति पत्र भरने की नहीं होगी जरूरत

Views : 897  |  3 minutes read
Covaxin-India

भारत ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के संकट का डटकर मुकाबला किया और वैक्सीन ईजाद कर अब मानवता की सेवा कर रहा है। वहीं, देश में अब तक करोड़ों लोगों का टीकाकरण हो चुका है। इसी बीच अब खबर आई है कि स्वदेशी कोवाक्सिन टीका लगवाने के लिए अब सहमति पत्र भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया यानि सीडीएससीओ के अधीन विशेषज्ञ समूह (एसईसी) ने बुधवार को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी के कोवाक्सिन को परीक्षण की स्थिति से बाहर आने का हवाला देते हुए कोविशील्ड की तरह ही आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति प्रदान की है।

संतोषजनक परीक्षण परिणाम के बाद शर्तों को हटाया

आपको बता दें कि 3 जनवरी, 2021 को भारत सरकार ने कोविशील्ड और कोवाक्सिन को आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल की मंजूरी दी थी, लेकिन कोवाक्सिन उस वक्त तीसरे चरण के परीक्षण में था। इसलिए सरकार ने सहमति पत्र भरने की शर्त के साथ ही इसे अनुमति दी थी। जब 16 जनवरी से देश में टीकाकरण शुरू हुआ तब से कोवाक्सिन देने से पहले सहमति पत्र भरवाना जरूरी था, जिसमें वैक्सीन के दुष्प्रभाव इत्यादि के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। हाल में कोवाक्सिन के संतोषजनक परीक्षण परिणाम सामने आने के बाद विशेषज्ञ समिति ने शर्तों को हटाने का फैसला लिया। अब कोविशील्ड की तरह ही कोवाक्सिन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। हाल में तीसरे चरण के परीक्षण में कोवाक्सिन 81 फीसदी तक असरदार मिला है।

सरकार ने सीरम से 10 करोड़ डोज का करार किया: मंत्री चौबे

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कीमत के अनुसार निजी अस्पतालों में कोरोना का टीका पात्र लोगों को 250 रुपये में लगाया जा रहा है। सरकार ने पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ कोविशील्ड की 10 करोड़ डोज 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से उपलब्ध कराने का करार किया है, जिस पर 100 रुपये सर्विस चार्ज निजी अस्पताल ले सकता है। इस हिसाब से फिलहाल एक डोज 250 रुपये की कीमत में उपलब्ध है, लेकिन टीकाकरण के अगले चरणों में कोरोना वैक्सीन की कीमत यही रहेगी या फिर इसमें बदलाव किया जाएगा? इसे लेकर अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

राज्यसभा में वैक्सीन कीमत को लेकर उठे सवाल पर केंद्रीय राज्य स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बताया है कि सीरम ने कोविशील्ड की 10 करोड़ डोज को इन कीमत पर उपलब्ध कराने का करार किया है। ठीक इसी तरह का करार हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कंपनी ने भी किया है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का बकाया मिलेगा जल्द

COMMENT