जानिए कौन हैं कश्मीर की अंतिम हिंदू रानी जिस पर बनने जा रही है बायोपिक?

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भारत के जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्ज़ा देने वाली धारा 370 और 35ए की समाप्ति के बाद से ही स्टेट में सरगर्मियां बरकरार है। मुस्लिम मैजोरिटी स्टेट होने की वजह से पाकिस्तान अपने मंसूबों को पूरा करने के लिए कश्मीरी युवाओं का इस्तेमाल कर भारत में टेंशन बढ़ाता रहा है। इसलिए वह कश्मीर के लिए अक्सर झूठी हमदर्दी भी जताता है। जेएंडके कभी हिंदू रियासत हुआ करती थी। रियासत की आखिरी हिंदू रानी कोटा रानी थी। ऐतिहासिक रूप से समय-समय पर चर्चा का केन्द्र रहे कश्मीर के इतिहास पर कई फिल्मकार फिल्म बनाना चाहते हैं। इसी बीच कोटा रानी पर बॉलीवुड फिल्म बनाने का ऐलान भी हो गया है।

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मुगलों के आक्रमण का आखिरी दम तक किया था मुकाबला

कश्मीर की आखिरी हिंदू रानी के रूप में मान्यता प्राप्त कोटा रानी का जीवन बहुत ही नाटकीय और रोमांच से भरा रहा था। कोटा रानी की बहादुरी और सुंदरता के किस्से-कहानी जम्मू और कश्मीर की लोकगाथाओं और लोकगीतों में खूब सुनाई देती है। 13वीं सदी में कोटा रानी ने कश्मीर पर राज किया था। बाद में उनको हराकर शाह मीर ने कश्मीर पर कब्जा किया। भारतीय दर्शनशास्त्र और शैव धर्म के अनुयायी रहीं इस रियासत पर कोटा रानी ने अपनी खूबसूरती, अपने मजबूत प्रशासन और अपनी सैन्य रणनीति के बूते बरसों तक सुशासन क़ायम रखा। उन्होंने कश्मीर पर मुगलों के आक्रमण के सामने आखिरी दम तक मुकाबला ​किया था।

कश्मीर की संस्कृति को जीवित रखने के लिए पिता के क़ातिल से की शादी

लोककथाओं के अनुसार, कोटा रानी ने अपने पिता रामचंद्र के हत्यारे रिन्चिन से शादी की थी। इतिहासकारों का मानना है कि कोटा रानी ने स्वयं की इस विवाह का प्रस्ताव अपने पिता के क़ातिल रिन्चिन को दिया था। इसके पीछे की वजह यह थी कि कोटा रानी कश्मीर में प्राचीन संस्कृति को जीवित रखना चाहती थी और किसी भी कीमत पर हिंदू शासन बरकरार रखना चाहती थी।

शादी के बाद कोटा रानी ने धीरे-धीरे रिन्चिन को हिंदू धर्म के प्रति आकर्षित कर लिया था। यहां तक कि उन्होंने रिन्चिन को भारतीय धर्म और संस्कृति का इतना प्रेमी बना दिया कि वह हिंदू धर्म स्वीकार करने की योजना बनाने लगा था। लेकिन सहदेव के भाई उदयन ने रिन्चिन पर आक्रमण कर दिया। इस हमले में रिन्चिन गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके कारण उसकी 1326 में मृ​त्यु हो गई थी। इसके बाद कोटा रानी ने फिर साम्राज्य की कमान संभाल ली। लेकिन 1314 में उदयन देव की मृत्यु के बाद कोटा रानी के दो सबसे विश्वासपात्र में से एक शाहमीर कश्मीर का शासक बनने के मनसूबे पालने लगा। शामहमीर ने रानी के विश्वासपात्र व भाई भिक्षण भट्ट की धोखे से हत्या कर दी और उसे युद्ध में हरा दिया।

कोटा रानी से शादी करना चाहता था शाहमीर

इतिहासकारों के अनुसार कभी विश्वासपात्र रहे शाहमीर युद्ध जीतने के बाद कोटा रानी से शादी करना चाहता था। वह उनकी सुंदरता पर फ़िदा था, लेकिन रानी शाहमीर से शादी की इच्छुक नहीं थी। एक दिन जब शाहमीर कोटा रानी की प्रतीक्षा कर रहा था, तो उसकी नीयत को भांपते हुए पूरे सिंगार में आई कोटा रानी ने अपने पेट में खंजर घोपकर आत्महत्या कर ली थी।

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रिलायंस एंटरटेनमेंट और फैंटम फिल्म्स ने जॉइंट वेंचर में बनाएंगे फिल्म

कोटा रानी की बहादुरी की कहानी सुनने के बाद रिलायंस एंटरटेनमेंट और फैंटम फिल्म्स ने संयुक्त रूप से उनपर फिल्म बनाने का ऐलान किया है। रिलायंस एंटरटेनमेंट के ग्रुप सीईओ शिबाशीष सरकार का कहना है कि कोटा रानी पर फिल्म बनाने का हमारा मुख्य मकसद उनकी शौर्य गाथा को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचना है। हमारा प्रयास होगा कि उनकी इस कहानी को हम बड़े परदे पर पूरी भव्यता के साथ प्रस्तुत करें।

वहीं, फिल्म के सह-निर्माता और फैंटम फिल्म के मधु मंटेना ने बताया कि कोटा रानी की कहानी किसी मायने में क्लियोपेट्रा की कहानी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो कुछ आजकल हो रहा है उसका सीधा संबंध किसी न किसी तरह से कोटा रानी के साम्राज्य से जुड़ता है।

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