रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कैलाश मानसरोवर लिंक रोड का किया उद्घाटन, चीन तक पहुंची सड़क

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केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैलाश मानसरोवर के लिए लिंक रोड का उद्घाटन किया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी सीडीएस जनरल बिपिन रावत और थल सेनाध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवाने भी उपस्थित थे। रक्षा मंत्री सिंह ने सीमा तक रोड कनेक्टिविटी को बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि सड़क का राष्ट्र के निर्माण में अहम योगदान होता है। राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन यानी बीआरओ की सराहना की और कहा कि लिपुलेख तक सड़क बनने से कैलाश यात्रा सुगम होगी। स्थानीय लोगों को भी इससे सड़क सुविधा मिल सकेगी।

चीन सीमा तक सड़क की कुल लंबाई 95 किमी होगी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे भारत-चीन व्य्यापार को गति मिलेगी और विकास को बल मिलेगा। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में जान गवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी और परिवारों के प्रति संवेदना भी जताई। फ्लैग ऑफ़ करने के बाद बीआरओ के वाहन गुंजी के लिए रवाना हुए। तवाघाट से लिपुलेख तक सड़क बनने से सीमा सुरक्षा तंत्र भी मजबूत होगा। तवाघाट से लिपुलेख तक कुल 95 किलोमीटर लंबी सड़क की कटिंग कार्य को पूरा कर लिया गया है। चीन सीमा के निकट शेष तीन किलोमीटर की कटिंग का काम सुरक्षा की दृष्टि से अभी छोड़ दिया गया है। इस सड़क की चीन सीमा तक कुल लंबाई 95 किमी होगी।

सेना और पैरामिलिट्री फोर्स की गाड़ियों के संचालन की होगी अनुमति

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस कैलाश मानसरोवर लिंक रोड पर शनिवार से सेना और अर्द्ध सैनिक बलों की गाड़ियों को संचालन की अनुमति होगी। वहीं, आम लोगों के वाहनों को कुछ दिनों बाद संचालन की अनुमति दी जा सकती है।

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इस सड़क के बनने से कैलाश मानसरोवर यात्रा, छोटा कैलाश यात्रा सहित माइग्रेशन पर जाने वाले लोगों के लिए राह आसान होगी। इसके अलावा भारत के लिए सामरिक महत्व की दृष्टि से भी इस सड़क का निर्माण काफी महत्वपूर्ण है। साथ ही सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी आवाजाही में इससे बड़ी सुविधा मिलेगी।

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