सिफारिश: कोरोना संक्रमण से ठीक होने के 6 माह बाद ही टीका लगवाएं मरीज

Views : 1717  |  3 minutes read
Corona-Patient-Vaccination-Time

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर में अचानक तेजी से बढ़े संक्रमण के मामलों के बाद कोविड टीकाकरण तेज करने के प्रयास जारी है। इसी बीच कोरोना संक्रमित मरीजों को वैक्सीन की डोज कब लेनी चाहिए और गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं कब कोरोना टीका लगवा सकती हैं? जैसे कई सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। इन सवालों के जवाब देते हुए सरकारी पैनल ने गुरुवार को सिफारिश की है कि कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक होने के 6 महीने बाद ही वैक्सीन की पहली डोज लेनी चाहिए।

कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतर बढ़ाकर बढ़ाया

जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार के राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) ने कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की दोनों खुराकों के बीच अंतर बढ़ाकर 12-16 हफ्ते यानि करीब 3-4 महीने करने की सिफारिश की है। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने इन सिफारिशों को मान भी लिया है। हालांकि, कोरोना की दूसरी वैक्सीन कोवैक्सिन की खुराकों के लिए बदलाव की कोई अनुशंसा नहीं की गई है। आपको बता दें कि वर्तमान में कोविशील्ड टीके की दो खुराकें 4-8 हफ्ते के अंतराल पर दी जाती हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि कोविशील्ड वैक्सीन के दो डोज के बीच के गैप को 6 से 8 हफ्ते से बढ़ाकर 12 से 16 हफ्ते कर दिया गया है। ये फैसला कोविड वर्किंग ग्रुप की तरफ से की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया है।

बच्चे को जन्म देने के बाद टीका लगवा सकती हैं महिलाएं

वहीं, सरकारी पैनल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को कोरोना वैक्सीन का कोई भी टीका लगवाने का विकल्प दिया जा सकता है और स्तनपान करवाने वाली महिलाएं बच्चे को जन्म देने के बाद किसी भी समय कोविड टीका लगवा सकती हैं। एनटीएजीआई ने यह भी कहा है कि जो लोग कोविड-19 से पीड़ित रह चुके हैं और जांच में उनके सार्स-सीओवी-2 से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, उन लोगों को स्वस्थ होने के बाद से करीब छह महीने तक कोरोना टीका नहीं लगवाना चाहिए। राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह के सुझाव टीकाकरण को देखने वाले कोविड संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह को भेजे जाएंगे।

देश में फिलहाल ये है टीकाकरण का नियम

भारत में वर्तमान के कोरोना वैक्सीनेशन प्रोटोकॉल के मुताबिक, अभी तक के क्लिनिकल ट्रायल में गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया गया है। अत: उन्हें फिलहाल टीका नहीं लगाया जाना चाहिए। वहीं, ऐसे लोग जिन्हें कोविड-19 टीके की पहली खुराक लग चुकी है और दूसरी खुराक लगने से पहले यदि वे संक्रमित हो जाते हैं, तो उन्हें ठीक होने के बाद अगली खुराक लगवाने से पहले कम से कम चार से आठ हफ्ते इंतजार करना चाहिए।

Read More: बीएचयू में कोरोना की आयुर्वेदिक दवाओं के ट्रायल में मरीजों पर आए अच्छे परिणाम

COMMENT