शोहरत की बुलंदियां हासिल करने के बावजूद बेहद डरावनी थी जीनत अमान की निजी जिंदगी

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जीनत अमान हिंदी सिनेमा की सुंदर, प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक है। 19 नवंबर को जीनत अमान जिंदगी के 68 साल पूरे करने जा रही हैं। जीनत ने अपनी दमदार अदायगी और रुमानी अदाओं से 70-80 के दशक में दर्शकों के दिलों में राज किया। उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर एक नजर डालें बॉलीवुड की इस दिलकश अदाकारा के अब तक के सफरनामे पर।

जीनत अमान का जन्म 19 नवंबर, 1951 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता अमन उल्लाह खान हिंदी सिनेमा के मशहूर स्क्रिप्ट राइटर थे। जिन्होंने ‘मुगल-ए-आजम’, ‘पाकिजा’ जैसी फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी। मां वर्धिनी थी। महज 13 साल की उम्र में जीनत ने अपने पिता को खो दिया। उनके जाने के बाद जीनत ने अपने पिता के नाम अमान को अपना सरनेम बना लिया। जीनत ने कॉलेज की पढ़ाई मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएशन की है।

कॉलेज की पढ़ाई के दौरान वे कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी। साल 1970 में जीनत ‘मिस इंडिया ब्यूटी पीजेंट’ कॉन्टेस्ट की सेकंड रनरअप रही हैं। जीनत पहली ऐसी महिला थी जिन्होंने साल 1970 में ‘मिस पेसिफिक एशिया’ का खिताब जीता था।

फिल्मी सफर की शुरुआत

ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतने के बाद जीनत का रुझान मॉडलिंग और फिल्मी दुनिया की तरफ हो गया। साल 1971 में जीनत ने ‘हलचल’ और ‘हंगामा’ जैसी फिल्मों से अपने सिने सफर की शुरुआत की जो बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी। इसके बाद उन्हें ‘हरे राम हरे कृष्णा’ के लिए देव आनंद ने अप्रोच किया। 1971 में आई इस फिल्म से जीनत रातों रात लोकप्रिय हो गई। आपको जानकर हैरानी हो मगर अपनी पहली दो फिल्मों को मिली जबरदस्त असफलता से नाखुश होकर जीनत अपनी मां और सौतेले पिता के साथ भारत छोड़कर विदेश जा रही थी। मगर देव आनंद ने जीनत को फिल्म ‘हरे राम हरे कृष्णा’ की रिलीज होने तक रुकने की गुजारिश की। फिल्म को मिली जबरदस्त सफलता ने जीनत को एक बार फिर अपने एक्टिंग कॅरियर को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने बॉलीवुड में ग्लैमरस का तड़का लगाने के लिए भी जाना जाता है। जीनत एक ऐसी अभिनेत्री कहलाती है जिन्होंने सिने पर्दे पर भारतीय अभिनेत्रियों की एकसी छवि को अस्वीकारते हुए ग्लैमर का तड़का लगाया। बॉलीवुड फिल्मों में बिकनी के चलन की शुरुआत जीनत अमान ने ही की थी।

हेमा मालिनी के साथ जीनत अमान भी अपने दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली अभिनेत्री थी। ‘हरे राम हरे कृष्णा’ फिल्म की सफलता के बाद जीनत ने कई सफल फिल्में की और बॉलीवुड में उस दौर की बेहतरीन अभिनेत्रियों में गिनी जाने लगी। साल 1978 में आई फिल्म ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ जीनत की एक ओर ब्लॉकबास्टर फिल्म साबित हुई। इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से भी नवाजा गया।

पर्दे पर विभिन्न किरदार निभाने में महारत

जीनत ने अपनी फिल्मों के जरिए हमेशा अपने फैंस को कुछ नया दिखाने की कोशिश की। वे हमेशा फिल्मों में एकरुपता से बचती रही। उन्होंने फिल्मी पर्दे पर कई विभिन्न प्रकार के किरदार निभाए। अपनी फिल्मों के जरिए जीनत ने हिंदी सिनेमा में बेमिसाल छाप छोड़ी हैं जिन्हें दर्शक आज भी देखना पसंद करते है।

बेहद डरावनी रही जीनत की निजी जिंदगी

जीनत को वो सबकुछ मिला जिसकी वे हकदार थी। बॉलीवुड में अच्छा नाम, शोहरत, पैसा, बेहतरीन फिल्में। मगर जो नहीं मिला वो थी सफल शादीशुदा जिंदगी। जीनत की निजी जिंदगी बड़ी डरावनी थी। शादी के एक साल बाद ही तलाक होना और फिर घरेलू हिंसा की शिकार बनना। जीनत की पहली शादी साल 1985 में अभिनेता मजहर खान के साथ हुई। कहा जाता है कि दोनों के बीच शादी के बाद से ही मतभेद शुरू हो गए थे। इस शादी से इन्हें दो बेटे अजान और जहान थे। मगर दोनों के बीच मतभेद थमने का नाम नहीं ले रहे थे। साल 1998 में मजहर की किडनी फेल होने के कारण मौत हो गई। शादीशुदा होने के बावजूद जीनत का नाम कई पुरुषों के साथ जुड़ा। जिसमें एक नाम उस दौर के मशहूर अभिनेता संजय खान का भी था। कहा तो यह भी जाता है कि दोनों ने गुपचुप तरीके से शादी भी की थी। जीनत को लेकर संजय का रवैया कुछ खास नहीं था। वे आए दिन जीनत से मारपीट किया करते थे। जिससे परेशान होकर आखिरकार दोनों का रिश्ता टूट गया।

कमबैक फिल्म

जीनत की आखिरी फिल्म साल 2012 में आई ‘स्ट्रींग ऑफ पैशन’ थी। वे काफी लंबे समय से फिल्मी पर्दे से दूर है। बता दें कि जीनत आशुतोष गोवारीकर की अपकमिंग फिल्म ‘पानीपत’ से बॉलीवुड में कमबैक करने जा रहीं है।

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