World Sleep Day 2020: क्यों जरूरी है पूरी नींद, कैसे प्रभावित करती है यह हमारी सेहत को

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आज के समय में सेहत को लेकर दुनियाभर के देशों में लोगों को जागरूक बनाने के लिए कई दिवस मनाये जाते हैं। इन दिवसों को मनाने के पीछे बड़ा कारण है लोग अपनी सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक बन सके। ऐसे में आज 13 मार्च को दुनियाभर में वर्ल्ड स्लीप डे (World Sleep day) मनाया जा रहा है। इस दिवस को मनाए जाने के पीछे नींद के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है और जान सकें कि यह हमारी सेहत के लिए कितनी जरूरी है। इस दिवस को हर साल 13 मार्च को मनाया जाता है। वैसे वर्ष 2007 से वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जा रहा है।

वर्ल्ड स्लीप डे का थीम और उद्देश्य

हर साल वर्ल्ड स्लीप डे कमेटी ऑफ वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी (World Sleep Day Committee of World Sleep Society) द्वारा इसे आयोजित किया जाता है और एक स्लोगन द्वारा लोगों को नींद लेने के फायदे और उससे संबंधित बीमारियों को लेकर जागरूक किया रहे। इस साल वर्ल्ड स्लीप डे का स्लोगन है ‘बेटर लाइफ, बेटर स्‍लीप, बेटर प्लेनेट (Better Life, Better Sleep, Better Planet)।

विश्व नींद दिवस मनाने के पीछे का उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को नींद के महत्व के प्रति जागरूक करना और जीवन में पूरी नींद लेना कितना जरूरी है, इसके बारे में लोगों को बताना। नींद के पूरा न होने पर हमारी सेहत प्रभावित होती है।

नींद हमारी सेहत का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। स्वस्थ रहने के लिए एक व्यक्ति को कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। इससे हमारा शरीर शारीरिक व मानसिक (Physical and mental) रूप से स्वस्थ रहता है।

आज के दौर में लोगों की जिंदगी भागदौड़ भरी है, ऐसे में कई लोग कम नींद ले पाते हैं। कम नींद से इसका सीधा प्रभाव हमारी सेहत (Health) पर पड़ता है।

नींद न आने की समस्या को इन्सोमनिया कहते हैं। नींद ने आना आज के समय में आमतौर पर लाइफ स्टाइल में बदलाव होने की वजह से होता है। नींद न आने के प्रमुख कारणों में टेंशन, वातावरण में बदलाव, हॉर्मोंन्स में बदलाव है।

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है पूरी नींद

मानव जीवन के लिए कड़ी मेहनत जितनी जरूरी है उतनी ही जरूरी नींद भी हैं यदि हम पूरी नींद नहीं ले पाते हैं तो इसका प्रभाव हमारी सेहत पर नजर आने लगता है। एक व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 6-8 घंटे नींद जरूर लेनी चाहिए। जो लोग कम सोते हैं उनके शरीर में लेप्टिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर कम होने की संभावना अधिक होती है, जिससे भूख बढ़ जाती है। चिकित्सक भी भरपूर नींद लेने की सलाह देते हैं। यदि आप पूरी नींद नहीं लेंगे तो आपको कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। फिर आपको डॉक्टर नींद की गोली लेने की सलाह देंगे।

खाने के बाद तुरंत सोने के लिए न जाएं

कभी भी खाना खाने के बाद रात को तुरंत सोने के लिए बिस्तर पर न जाएं। खाना खाने के बाद कुछ देर टहलना चाहिए। ऐसा करने पर यानी खाना खाने के तुरंत बाद सोने से ब्लड शुगर और इंसुलिन बढ़ता है, इसकी वजह से वजन बढ़ सकता है। रोजाना रात को एक कप हर्बल चाय पीने से तोंद को कम करने में मदद मिलेगी।

संतुलित आहार

यह तो सबको मालूम है कि स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और स्वस्थ आहार खाना चाहिए। मदिरा सेवन से बचना चाहिए। आपका बेडरूम साफ, शांत, अंधेरा और गंध से मुक्त होना चाहिए। कोशिश करें कि बहुत अधिक मोटे बिस्तर पर सोने की आदत न पड़े।

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