पश्चिम बंगाल: केंद्रीय गृह मंत्रालय की चार सदस्यीय टीम करेगी हिंसा के मामलों की जांच

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारणों की पड़ताल करने और राज्य में जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए चार सदस्यीय दल का गठन किया है। मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को जानकारी दी कि गृह मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव के नेतृत्व में एक दल पश्चिम बंगाल पहुंच चुका है। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 5 मई को पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा की विस्तृत रिपोर्ट सौंपने और समय गंवाए बिना ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा था।

घटनाएं नहीं रूकी तो मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा

गृह मंत्रालय ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को चेतावनी दी थी कि यदि राज्य सरकार ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल होती है तो मामले को बड़ी गंभीरता से लिया जाएगा। आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा में कम से कम 17 लोगों की मौत हो चुकी है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडों ने पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या की। पार्टी की कई महिला सदस्यों पर हमले किए व उनके घरों में तोड़फोड़ की। उनकी दुकानों को लूट लिया और भाजपा कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया।

एक लाख के करीब लोग घर छोड़ने को मजबूर: नड्डा

आपको बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित परिवारों के सदस्यों से मुलाकात की थी। उन्होंने दावा किया था कि चुनाव बाद हिंसा में बंगाल में कम से कम 14 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है, और एक लाख के करीब लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। हालांकि, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि हिंसा और टकराव उन क्षेत्रों में हो रहा है, जहां भाजपा के उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत दर्ज की।

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