इनकम टैक्स विभाग को कब्र पर छापे में मिला बड़ा खजाना, अधिकारियों का सिर चकराया

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कथित तौर पर ऐसा कहा जाता है कि हमारे देश में अगर टैक्स पेयर पूरी ईमानदारी से अपना टैक्स चुका दे तो विश्व का सबसे धनवान देश बन जाए। भारत में लोग पूरी ईमानदारी के साथ टैक्स नहीं चुकाते हैं। यही कारण है कि आयकर विभाग की लगभग हर कार्यवाही में करोड़ों की कर चोरी सामने आती है। हाल ही में गुजरात के एक इनकम टैक्स अधिकारी ने कहा था कि देश में एक भी व्यापारी ऐसा नहीं है जो कर चोरी नहीं करता हो। आयकर विभाग के अधिकारी का यह बयान बताता है कि देश में इनकम टैक्स चोरों की कमी नहीं है। टैक्स चोरों ने काली कमाई खपाने के लिए कई रास्ते बना रखे हैं। यहां तक की काला धन छिपाने के लिए ऐसी जगह का उपयोग किया जा रहा है जहां तक आसानी से किसी की सोच तक नहीं जा सकती। ऐसा ही एक मामला तमिलनाडु में सामने आया है। यहां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को काले धन के रूप मे इतना बड़ा खजाना मिला है कि मौके पर मौजूद अधिकारियों का सिर चकरा गया।

चेन्नई के कारोबारियों ने काली कमा​ई कब्रिस्तान में छुपाई

हाल ही में इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने चेन्नई के बड़े कारोबारियों के यहां छापा मारा। इन कारोबारियों ने कब्रिस्तान में अपना सारा खजाना छुपा रखा था। लेकिन आयकर विभाग ने वहां पर भी छापा मारकर सारा खज़ाना जब्त कर लिया। चेन्नई के सरवना स्टोर, जी सक्वॉयर और लोटस ग्रुप के मालिकों ने आयकर विभाग से बचने के लिए अपना सारी काली कमाई नजदीक के कब्रिस्तान में छुपाई हुई थी। नोटबंदी के बाद से देश में आयकर विभाग काफी सक्रिय हो गया है। ऐसे में देश के बड़े-बड़े कारोबारी आयकर विभाग की रेड से बचने के लिए और अपना काला धन छुपाने के लिए अलग-अलग तरीके आजमा रहे हैं। आयकर विभाग को कई बार कारो​बारियों के खाली पड़े भूखंड़ों के नीचे दबा खजाना मिला है। आसानी से पकड़ में नहीं आने के लिए अक्सर बड़े कारोबारी ये तरीका अपनाते हैं।

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नौ​ दिन चली खुदाई में मिला 433 करोड़ रुपए का बड़ा खजाना

इनकम टैक्स विभाग को इन कारोबारियों का कब्रिस्तान में बड़ा खजाना छुपे होने की जानकारी मिली थी। लगातार 9 दिन खुदाई करने के बाद आयकर विभाग के हाथ कुल 433 करोड़ रुपए का खजाना लगा है। काला धन की कमाई के इस बड़े खजाने में 12.53 किलो सोना, 25 करोड़ रुपए कैश और 626 कैरेट के हीरे शामिल हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों को खबर मिली थी कि सरवना स्टोर, जी स्कॉवयर और लोटस ग्रुप के मालिकों ने नकदी के जरिए चेन्नई में 180 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी है। वे इस डील को छुपाकर टैक्स की बड़ी चोरी कर रहे हैं। आयकर विभाग ने जानकारी पुख्ता करने के बाद इस पर कार्यवाही के लिए कई टीमें तैयार की थी। आयकर विभाग के अधिकारियों ने इन कंपनियों के चेन्नई और कोयंबटूर में 72 ठिकानों पर छापा मारने के लिए कई टीमें तैयार की। ​इनकम टैक्स विभाग ने कई दिनों की तैयारी के बाद इनके ठिकानों पर एक सा​थ छापेमारी की। इसमें विभाग को काले धन के रूप में बड़ा खजाना हाथ लगा।

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अवैध धन और सोना-हीरा को कब्रिस्तान में दबाया, सीसीटीवी फुटेज में मिला सुराग

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को छापे की शुरुआत में कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसके बाद विभाग ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया। आयकर विभाग की टीम को सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर कब्रिस्तान का सुराग मिला। इसमें सैकड़ो कब्रों के बीच एक एसयूवी के ड्राईवर की निशानदेही पर एक कब्र को खोदा गया। इस कब्र के नीचे से आयकर अधिकारियों को 433 करोड़ रुपए का खजाना दबा हुआ मिला। दरअसल, इन कारोबारियों को इनकम टैक्स के छापे की पहले ही भनक लग गयी थी। ​इस कारण इन्होंने अपनी ब्लैक मनी जिसमें अवैध धन और सोना-हीरा आदि शामिल था, इसे 28 जनवरी की रात को चुपके से कब्रिस्तान में लाकर छिपा दिया था। इन्हें लग रहा था कि यहां इनका काला धन सेफ है, लेकिन आयकर विभाग यहां तक भी पहुंच ही गया। देश में पहली बार ऐसा हुआ है जब काला धन कब्रिस्तान में मिला है।

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