एसओजी के नोटिस पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह बोले, पहले ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की हो जांच

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राजस्थान में सियासी में उठक-पटक जारी है। यहां विधायकों की कथित सौदेबाजी को लेकर हाल में तीन ऑडियो क्लिप वायरल हुई थी। जिसके बाद अब पुलिस के विशेष अभियान समूह यानी एसओजी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत को नोटिस भेजा है। वहीं, एसओजी के इस नोटिस को लेकर केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा है कि पहले ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए, और ये भी पता लगना चाहिए कि इसे किसके कहने पर रिकॉर्ड किया गया और किसने किया?

एसओजी ने मुझे बयान और आवाज का नमूना देने को कहा

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, ‘एसओजी ने मेरे निजी सचिव के माध्यम से एक नोटिस भेजा है। नोटिस में उन्होंने मुझे अपना बयान और आवाज का नमूना रिकॉर्ड करने को कहा है। लेकिन, मैं चाहता हूं कि इस ऑडियो क्लिप की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह बात सामने आनी चाहिए कि किसके कहने पर इस ऑडियो को रिकॉर्ड किया गया और किसने इसे रिकॉर्ड किया। पहले उन्हें (राज्य सरकार) प्रामाणिकता के साथ सामने आना चाहिए। मैंने पहले ही कहा है कि मेरे दरवाजे किसी भी तरह की जांच के लिए हमेशा खुले हैं।’

सीआरपीसी की धारा 160 के तहत मंत्री को भेजा नोटिस

वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को यह नोटिस राज्य सरकार को अस्थिर करने के आरोप में बयान को दर्ज करने के लिए दिया गया है। एसओसी के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक राठौर ने कहा है कि सीआरपीसी की धारा 160 के तहत केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव के माध्यम से यह नोटिस सौंपा गया है। कांग्रेस द्वारा ऑडियो क्लिप को लेकर दर्ज करवाए गए मामले में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं।

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केंद्रीय मंत्री शेखावत बोले, रिकॉर्डिंग के स्रोत संदिग्ध

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि रिकॉर्डिंग के स्रोत संदिग्ध है। राजस्थान में विधायकों द्वारा संभावित विद्रोह को विफल करने और जयपुर के फेयरमोंट होटल में ठहरे हुए कांग्रेसी विधायकों के मन में केवल डर पैदा करने के लिए मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा इस बात की कोई जांच नहीं की गई है कि यह ऑडियो सोशल मीडिया पर कैसे और कहां से आया या किसने रिकॉर्ड किया। क्लिप की सत्यता, प्रामाणिकता या यहां तक कि इसके स्रोत की पुष्टि करने के बजाय, सीएम गहलोत ने मेरे बयान और आवाज को रिकॉर्ड करने और साल 2019 के लोकसभा चुनाव में मेरे खिलाफ मिली अपने बेटे की हार का बदला लेने के लिए पुलिस को भेजा।

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