कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का 93 साल की उम्र में निधन, ऐसा रहा राजनीतिक सफर

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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा का 93 साल की उम्र में निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, वोरा को रविवार रात को दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। आपको बता दें कि मोतीलाल वोरा ने कई वर्षों तक पत्रकारिता करने के बाद वर्ष 1968 में राजनीति में प्रवेश किया था।

इसी रविवार को सेलिब्रेट किया था अपना 93वां बर्थडे

मोतीलाल वोरा का जन्म राजस्थान के नागौर जिले के निम्बी जोधां में वर्ष 1927 में हुआ था। हाल में रविवार (20 दिसंबर) को ही उन्होंने अपना 93वां जन्मदिन मनाया था। वोरा के परिवार के सदस्यों ने बताया कि कोरोना वायरस के बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बाद यहां एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। वह कुछ हफ्ते पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और कई दिनों तक एम्स में भर्ती रहने के बाद उन्हें छुट्टी भी मिल गई थी।

मोतीलाल मध्यप्रदेश के दो बार रहे मुख्यमंत्री

मोतीलाल वोरा ने राजनीति में आने के बाद वर्ष 1970 में मध्यप्रदेश विधानसभा का चुनाव जीता और उन्हें मध्यप्रदेश के सड़क परिवहन निगम के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वह वर्ष 1977 और 1980 में मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए फिर से चुने गए और साल 1980 में अर्जुन सिंह कैबिनेट में उच्च शिक्षा विभाग के अध्यक्ष रहे। मोतीलाल वोरा वर्ष 1983 में कैबिनेट मंत्री बने और उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया। वह 13 मार्च, 1985 से 13 फरवरी, 1988 तक और 25 जनवरी, 1989 से 9 दिसंबर, 1989 तक दो बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।

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वोरा को लोग प्यार से दद्दू बुलाते थे

14 फरवरी, 1988 को वह राज्यसभा सदस्य चुने गए और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद 16 मई, 1993 को वोरा यूपी के राज्यपाल नियुक्त किए गए। वर्ष 1998–99 में वह 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। उन्होंने साल 2000 से 2018 तक (18 साल) कांग्रेस के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। आपको बता दें कि मोतीलाल वोरा को लोग प्यार से ‘दद्दू’ भी बुलाते थे और उनके बारे में मशहूर था कि बतौर कोषाध्यक्ष वह पार्टी की पाई-पाई का हिसाब रखते थे और एक पैसा भी फिजूल खर्च नहीं होने देते थे।

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