पाकिस्तान ने टेररिस्ट वॉचलिस्ट से हटाए 3800 नाम, फ़िर साबित हुआ आतंक से प्रेम

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पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवाद को पालता-पोषता रहा है, जिसकी वजह से हमेशा से ही उस पर सवाल उठते रहे हैं। एक बार फिर ऐसे सबूत सामने आए हैं, जो यह साबित कर रहे हैं कि पाकिस्तान का आतंक प्रेम अभी तक भी बरकरार है। एक वेबसाइट ने इस बारे में ताज़ा जानकारी रिलीज की है। इस वेबसाइट की जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने आतंकी निगरानी सूची यानी टेररिस्ट वॉचलिस्ट से 3800 आतंकियों के नाम हटा दिए हैं।

2018 में टेररिस्ट वॉचलिस्ट में 7600 नाम थे

यह जानकारी वेबसाइट Castellum.AI ने जारी की है। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी निगरानी सूची में जहां वर्ष 2018 में 7600 नाम थे, वो साल 2020 में घटकर 3800 के नीचे आ गए हैं। वेबसाइट का डाटा दिखाता है कि 9 मार्च से 27 मार्च के बीच पाकिस्तान ने आतंकी निगरानी सूची से 1069 नाम हटाए हैं। इसके बाद इन नामों को डी-नोटिफाइड लिस्ट में डाल दिया गया।

डी-नोटिफाइड लिस्ट में नाम शामिल करने का मतलब ये है कि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इन लोगों का नाम आतंकी निगरानी सूची से हटा दिया हैं। जानकारी के अनुसार, 27 मार्च के बाद से करीब 800 नाम टेररिस्ट वॉचलिस्ट से हटाकर डी-नोटिफाइड लिस्ट में डाले गए हैं। इस तरह पिछले 18 महानों में पाकिस्तान ने बिना किसी अधिसूचना या स्पष्टीकरण के आतंकी निगरानी सूची से 3800 नामों को हटा दिया है।

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पाक इसलिए हटा रहा निगरानी सूची से नाम

दरअसल, पाकिस्तान दुनिया में अपनी इज्ज़त बचाने के लिए ऐसा कर रहा है। आतंकी निगरानी सूची में ये जितने भी नाम हैं उनके खिलाफ पाकिस्तान कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। एफएटीएफ पाकिस्तान की इन करतूतों पर पैनी नजर रखता है। ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि कहीं एफएटीएफ निगरानी सूची में शामिल लोगों पर एक्शन न लेने के कारण फंडिंग पर कोई कड़ा फैसला न ले ले, इसलिए वो धीरे-धीरे आतंकी निगरानी सूची से इन आतंकियों के नाम हटा रहा है।

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