एनसीडीसी ने जारी की ए​डवाइजरी, घरेलू सहायकों को काम से दो हफ्ते का ब्रेक लेने के लिए कहा

Views : 1135  |  3 minutes read
CORONA-NCDC-Advisory

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत काम करने वाले राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र यानी एनसीडीसी ने कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को देखते हुए शहरी मलिन बस्तियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें इन क्षेत्रों में रहने वाले घरेलू सहायकों को काम से दो हफ्ते का ब्रेक लेने के लिए कहा गया है, ताकि न तो उन्हें और न ही उनके नियोक्ताओं को संक्रमण हो।

एनसीडीसी की एडवाइजरी में कहा गया है, ‘पड़ोस में हाउस हेल्पर के रूप में काम करने वाले किसी भी परिवार के सदस्य को दो सप्ताह की अवधि के लिए काम से छु्ट्टी लेने का अनुरोध करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि न तो नियोक्ता और न ही कर्मचारी को कोविड-19 का संक्रमण हो। यदि उन्हें काम पर जाने की आवश्यकता होती है तो उन्हें जाने से पहले और बाद में साबुन और पानी से अपने हाथ जरूर धोने चाहिए।’

लोग निर्धारित समय के लिए होम क्वारंटीन का पालन करें

जानकारी के अनुसार, भारत के शहरी क्षेत्रों विशेष रूप से मलिन बस्तियों को विभिन्न सर्वेक्षणों में वायरस से सबसे ज्यादा संपर्क में पाया गया है। एनसीडीसी द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को यह सुनिश्चित करने के लिए स्वयंसेवकों की पहचान करनी चाहिए कि लोग निर्धारित समय के लिए होम क्वारंटीन का पालन करें। इस एडवाइजरी के अनुसार, स्वास्थ्य अधिकारी स्थानीय प्रतिनिधियों/ वार्ड सदस्यों के साथ होम क्वारंटीन में जाने की सलाह देने वालों की सूची साझा करेंगे। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो स्वयंसेवकों को इसके बारे में सूचित किया जाना चाहिए।

Read More: देशभर में एक दिन में कोरोना के रिकॉर्ड 12,881 मामले सामने आए, 334 लोगों की गई जान

इसमें कहा गया है कि सभी निवासियों को कम से कम 20 सेकंड के लिए लगातार हाथ धोने चाहिए और स्थानीय नेताओं को बीमारी से संबंधित अफवाहों और गलत सूचनाओं के प्रसार की जांच करने की जरूरत है। यदि किसी इलाके में संक्रमण पाया जाता है तो केंद्र की कंटेनमेंट योजना को लागू किया जाए। दस्तावेज के अनुसार निवासियों को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ सहयोग करने के लिए कहा गया है। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार,’समुदायों के लिए अपर्याप्त आश्रय और भीड़-भाड़ कोविड-19 जैसी महामारी के संचरण में जोखिम कारक हैं। एक बड़ी आबादी के रूप में अनधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी-झोपड़ी समूहों ने एक गंभीर मानवीय समस्या पैदा की है।’

COMMENT