मैरीकॉम ने जीता कांस्य पदक, दर्ज हुआ उनके नाम विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड

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विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में भारत की एम.सी. मेरीकॉम को सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा। छह बार की विश्व चैम्पियन मैरीकॉम भले ही सेमीफाइनल में हार गई हो, लेकिन मुक्केबाजी में उनके नाम सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।

रूस के उलान उदे शहर में चल रही विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में शनिवार 12 अक्टूबर को 51 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में मैरीकॉम को तुर्की की बुसेनाज काकिरोग्लू के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। काकिरोग्लू ने भारतीय खिलाड़ी को 4-1 से शिकस्त दी। इस हार के साथ ही उनकी विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में रिकॉर्ड सातवीं बार स्वर्ण पदक जीतने उम्मीद भी समाप्त हो गई। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंग्रीट वालेंसिया को 5-0 से हराकर पदक पक्का कर लिया था।

इस मुकाबले में दिए गए निर्णय से मैरीकॉम संतुष्ट नहीं दिखाई दी। इसके बाद भारत ने मैच रेफरी के निर्णय के खिलाफ अपील दर्ज कराई है।

मैरीकॉम ने जीते कई अंतर्राष्ट्रीय पदक

भारतीय मुक्केबाज मैरीकॉम ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में विश्व चैम्पियनशिप में 6 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। मैरी का यह 51 किलोग्राम भार वर्ग में विश्व चैम्पियनशिप में पहला पदक है। इससे पूर्व भी वह इस भारवर्ग में वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और वर्ष 2018 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी हैं। यही नहीं वह इसी भार वर्ग में लंदन ओलंपिक 2012 में कांस्य भी जीत चुकी हैं।

इसी वर्ष गुवाहाटी में इंडिया ओपन और इंडोनेशिया में प्रेसिडेंट ओपन में मैरीकॉम ने स्वर्ण पदक जीता। वह राज्यसभा सदस्य भी है।

हार के बाद भी मैरीकॉम के नाम दर्ज हुआ यह रिकॉर्ड

भारतीय मुक्केबाज मैरीकॉम का वर्ल्ड वुमन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में यह 8वां पदक है, जो एक विश्व रिकॉर्ड है। अगर विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में पुरुष और महिला दोनों में जीते कुल पदकों की बात करें तो मैरीकॉम के नाम सर्वाधिक 8 पदक (6 स्वर्ण, 1 रजत, 1 कांस्य) अपने नाम किए हैं। उनसे पहले महिला या पुरुषों दोनों वर्गों ने सर्वाधिक विश्व चैम्पियनशिप पदक का रिकॉर्ड क्यूबा के पुरुष मुक्केबाज फेलिक्स सेवॉन (1986-1999) के नाम दर्ज था। जिन्होंने विश्व चैंपियनशिप में 7 पदक (6 स्वर्ण और 1 रजत) जीते थे।

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