भारत में कोरोना से बचाने वाली एंटीबॉडी कॉकटेल हुई लॉन्च, इतनी होगी कीमत

Views : 1770  |  3 minutes read
Covid-Antibody-Cocktail-India

देश में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर और टीकाकरण के बीच एक बड़ी राहत की खबर आई है। दरअसल, कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एंटीबॉडी की एक कॉकटेल दवा की अब देश में उपलब्धता हो गई है। स्विट्जरलैंड की फॉर्मा कंपनी रॉश और सिप्ला ने मंगलवार को कोरोना से बचाव के लिए एंटीबॉडी कॉकटेल को लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने बताया कि भारत में कोविड-19 की एंटीबॉडी कॉकटेल (कासिरिविमैब और इमडेविमैब) का पहला बैच मिलना शुरू हो गया है। देश में इसका दूसरा बैच जून 2021 से ही उपलब्ध होना शुरू हो जाएगा।

एक पैक से दो मरीजों का होगा उपचार, कीमत सवा लाख के करीब

रॉश और सिप्ला ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि कोरोना मरीज को दी जाने वाली एंटीबॉडी कॉकटेल की एक डोज की कीमत 59,750 रुपये तय की गई है। दवा से माइल्ड और मॉडरेट लक्षण वालों के साथ हाई रिस्क वाले मरीजों का उपचार होगा। देशभर के कोरोना अस्पतालों में इस दवा का वितरण का काम सिप्ला करेगी। एंटीबॉडी कॉकटेल की संयुक्त डोज 1200 एमजी की होगी। इसके एक पैक से दो मरीजों का उपचार होगा, जिसकी टैक्स सहित कुल कीमत 1,19,500 रुपये होगी। आपको बता दें कि सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन यानि सीडीएससीओ ने हाल ही में इस दवा को इमरजेंसी में इस्तेमाल की मंजूरी दी थी।

जून में बच्चों पर शुरू हो सकता है कोवाक्सिन का ट्रायल

उधर, भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन ‘कोवाक्सिन’ का बच्चों पर जून में ट्रायल शुरू हो सकता है। कंपनी के बिजनेस डेवलपमेंट एंड इंटरनेशनल एडवोकेसी के हेड डॉ. रैचेस एल्ला ने कहा कि बच्चों पर टीके का परीक्षण जून तक शुरू करने की तैयारी है। भारत बायोटेक ने साल की तीसरी तिमाही में बच्चों के लिए टीका उपलब्ध कराने के लिए लाइसेंस पाने का लक्ष्य रखा है। डॉ. एल्ला ने कहा कि भारत बायोटेक का इस साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन की 70 करोड डोज के उत्पादन का लक्ष्य है।

एंटीबॉडी कॉकटेल कोरोना के खिलाफ नया हथियार है: डॉ. त्रेहान

मेदांता अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान ने कोरोना एंटीबॉडी कॉकटेल को कोविड-19 वायरस के खिलाफ नया हथियार बताया है। डॉ. त्रेहान ने बुधवार को कहा कि संक्रमित मरीज को शुरुआती स्तर पर जब कासिरिविमैब औप इम्डेविमैब की खुराक दी जाती है तो यह वायरस को कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकता है। उन्होंने कहा कि यह कोविड-19 के खिलाफ काम कर रहा है और यह इस वायरस के नए स्ट्रेन बी.1.617 के खिलाफ भी प्रभावी है। डॉ. त्रेहान ने कहा कि कोविड एंटीबॉडी कॉकटेल का अमेरिका और यूरोप में बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया है।

Read More: रूसी कंपनी स्पूतनिक-वी ने भारत में शुरू किया कोरोना वैक्सीन का उत्पादन

COMMENT