भाजपा ने शाजिया इल्मी और प्रेम शुक्ला को राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया, नड्डा ने लगाई मुहर

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शाजिया इल्मी और प्रेम शुक्ला को पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता नियुक्त किया है। भाजपा प्रवक्ता शाजिया इल्मी ने एक ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। बता दें, मीडिया में बहस के दौरान भाजपा का मजबूती से पक्ष रखने वाले प्रेम शुक्ला और शाजिया इल्मी को पार्टी ने अपना राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है। प्रेम शुक्ला मूल रूप से उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर से आते हैं और शिवसेना के ‘दोपहर सामना’ अखबार के लंबे समय तक संपादक रहे हैं। वह मुंबई के साथ यूपी में सामाजिक-राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं।

वहीं, शाजिया इल्मी पूर्व पत्रकार और टीवी एंकर रह चुकी हैं। आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद वह जनवरी 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। इल्मी पार्टी की दिल्ली इकाई की उपाध्यक्ष भी रही हैं। ये दोनों ही भाजपा के रुख का बचाव करते और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी के रुख को मजबूती से रखते हुए दिखाई देते हैं।

यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिल सकता है लाभ

माना जा रहा है कि प्रेम शुक्ला के पूर्वांचल का लोकप्रिय ब्राह्मण चेहरा होने के कारण उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को इसका फायदा हो सकता है। भाजपा ने हाल ही में यूपी में ब्राह्मणों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम किया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में भी पूर्वांचल के ब्राह्मण चेहरे अजय मिश्रा को जगह दी गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है। इसमें एके शर्मा और कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए जितिन प्रसाद सहित कुछ चेहरों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के कयास हैं। इसके अलावा भाजपा ने हाल ही में किए गए संगठन विस्तार में भी कई ब्राह्मण नेताओं को जगह दी है।

यूपी में सभी पार्टी ब्राह्मणों को साधने की कर रही कोशिश

उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियां इस समय ब्राह्मणों को साधने की कोशिश में लगी हुई हैं। बसपा नेता मायावती भी इनदिनों ब्राह्मणों को अपने साथ लाने के लिए पूरी कोशिश कर रही हैं। पार्टी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में बसपा राज्य के हर जिले में ब्राह्मण सम्मेलन कराकर उन्हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश में है। वहीं, समाजवादी पार्टी पहले ही कह चुकी है कि वह टिकटों की भागीदारी में ब्राह्मणों का पूरा ख्याल रखेगी। जबकि कांग्रेस भी संगठन में अहम पद देकर ब्राह्मणों का अपना पुराना वोट बैंक वापस पाने के लिए प्रयास कर रही है।

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