भारत-ऑस्ट्रेलिया-फ्रांस का त्रिपक्षीय तंत्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चुनौतियों से मिलकर निपटेगा

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India-France-Dialogue

हालिया वर्षों में भारत और फ्रांस के बीच रिश्तों को लगातार मजबूत होते देखा गया है। इस बात का सबूत कई मौकों पर दिखाई दिया, जब फ्रांस अपने दोस्त भारत के साथ ​हर मुद्दे पर साथ खड़ा दिखा। अब भारत और फ्रांस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभर रही समुद्री और आकाशीय चुनौतियों से मिलकर निपटने के लिए एक त्रिस्तरीय तंत्र बनाएंगे। इसके लिए भारत और फ्रांस ने द्विपक्षीय बातचीत के दौरान मंथन किया। साथ ही दोनों देशों ने इस क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए भी नए तरीके तलाशने पर भी वार्ता के दौरान वैचारिक मंथन किया। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके फ्रांसीसी समकक्ष जीन-युक्व ली ड्रियान के बीच हुई वार्ता के दौरान फ्रांसीसी पक्ष ने भारत की हिंद-प्रशांत समुद्री पहल (IPOI) का हिस्सा बनने की भी घोषणा की।

जलवायु नियंत्रण व जैव संरक्षण के क्षेत्र में भी करेंगे काम

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत और फ्रांस कोविड-19 के बाद के साझा एजेंडे पर करीबी सहयोग के जरिये आगे बढ़ते रहें। उन्होंने एक ट्वीट में फ्रांसीसी विदेश मंत्री की तारीफ भी की। उधर, फ्रांसीसी राजदूत इमैनुएल लेनियान ने भी बैठक को बेहद शानदार करार दिया। इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने कहा, दोनों देशों ने भारत-यूरोपीय व्यापार व निवेश समझौते पर तेज करने की अहमियत को भी महसूस किया। मंत्रालय ने कहा, दोनों देशों ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के तरीके तलाशेंगे, इनमें भारत-ऑस्ट्रेलिया-फ्रांस का त्रिपक्षीय तंत्र, समुद्री व आकाशीय चुनौतियों में से निपटना और जलवायु नियंत्रण व जैव संसाधन संरक्षण के क्षेत्र में मिलकर काम करना शामिल है।

पिछले साल द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 10.75 अरब डॉलर रहा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने फ्रांस के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसमें उसने आईपीओआई के आधार स्तंभ समुद्री संसाधनों से जुड़ने की बात कही है। विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, दोनों मंत्रियों ने बहुत सारे साझा हितों से जुड़े क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों को लेकर भी द्विपक्षीय बातचीत में मंथन किया। साथ ही बहुध्रुवीय दुनिया व बहुवाद में विश्वास पर अपनी साझा प्रतिबद्धता को भी दोहराया। आपको बता दें, भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में पिछले एक दशक के दौरान काफी बढ़ोतरी हुई है। यह व्यापार साल 2020 में बढ़कर 10.75 अरब डॉलर का रहा। भारत ने फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ में 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया है, जिसमें से अब तक 14 लड़ाकू विमान डिलीवर भी हो चुके हैं।

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