दिल्ली में खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के तीन संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, नेता और बड़ी हस्तियां थी निशाने पर

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट यानी केएलएफ के तीन कथित आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन संदिग्ध आतंकियों से शुरूआती पूछताछ में पता चला है कि इन्हें दिल्ली में आतंकी घटना को अंजाम देना था। इनके निशाने पर दिल्ली व उत्तर भारत के नेता सहित कई बड़ी हस्तियां थी। ये तीनों किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने के फिराक में जुटे थे। इनके बारे में यह बात भी सामने आई है कि इन्होंने कई लोगों से जबरन वसूली करने के भी प्रयास किए।

पुलिस ने तीन पिस्टल और सात कारतूस बरामद किए

पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने बताया कि गिरफ्तार खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट से जुड़े कथित आतंकियों की पहचान दिल्ली के निलोठी एक्सटेंशन चंदर विहार निवासी मोहिंदर पाल सिंह, पंजाब के मनसा निवासी गुरतेज सिंह और हरियाणा के कैथल निवासी लवप्रीत के रूप में हुई है। इनके कब्जे से पुलिस ने तीन पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त संजीव यादव के मुताबिक, मोहिंदर पाल सिंह की गतिविधियों के बारे में स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि वह उत्तर भारत में आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा है।

इस सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम इसकी निगरानी करने में लगी हुई थी। 15 जून को हस्तसाल के पास मोहिंदर को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती पूछताछ में इसने खुद को मूल रूप से जम्मू- कश्मीर राज्य के बारामूला स्थित दीवानबाग का रहने वाला बताया था। इसके बाद कड़ी पूछताछ में इसकी निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों को कैथल और मनसा से गिरफ्तार कर लिया।

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पाक की आईएसआई ने युवाओं को भर्ती का दिया था काम

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की पूछताछ में इन आरोपियों ने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक शख्स अब्दुल्ला के संपर्क में थे, जिसने उन्हें पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए नए युवाओं की भर्ती करने के निर्देश दिए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरतेज ने लवप्रीत और कुछ अन्य लोगों को पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण के लिए राजी कर लिया था।

उन्हें पाकिस्तान सीमा पर चल रहे पाकिस्तानी प्रशिक्षण शिविर में जाना था, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नहीं जा पाए थे। इन कथित आंतकियों ने बताया कि वह खालिस्तान आंदोलन के कट्टर समर्थक हैं। इन संदिग्ध आतंकियों ने कुछ नेताओं, राम रहीम के एक अनुयायी और कुछ वीआईपी की पहचान कर ली थी, जिनपर हमला करना था।

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