टॉकिंग पॉइंट : ई सिगरेट पर अमेरिका हुआ सख्त, जानें क्या है वजह

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जहां एक ओर विभिन्न देशों की सरकारें और सामाजिक संगठन तम्बाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले नुकसान से लोगों को सचेत कर रहे हैं, वहीं आधुनिकता के इस दौर में तम्बाकू का विकल्प के रूप में युवाओं में तेजी से इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट (ई-सिगरेट) लोकप्रिय हो रही है। इसकी लत से युवाओं को बचाने के लिए कई देशों की सरकार ने कठोर प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिए हैं। ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने वाले शहरों में सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका का पहला शहर बन गया है।

समाचार एजेंसी एफे की रिपोर्ट के अनुसार, सिटी एंड काउंटी बोर्ड आफ सुपरवाइजर्स के 11 सदस्यों के दल ने सर्वसम्मति से ई-सिगरेट उत्पाद की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के निर्णय के पक्ष में वोट दिया। उन्होंने तर्क दिया कि ई-सिगरेट युवाओं में लोकप्रिय हो रही है और यह उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। सैन फ्रांसिस्को में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध के निर्णय ने पारंपरिक दुकानों और ऑनलाइन रिटेलर्स, दोनों को प्रभावित किया है।

अमेरिका के सबसे प्रगतिशील स्थानों में शामिल सैन फ्रांसिस्को ने ई—सिगरेट पर प्रतिबंध तो लगा दिया है, लेकिन इस शहर में पारंपरिक तंबाकू के साथ गांजा की बिक्री बिना किसी प्रतिबंधों के बिक रही है। कैलिफोर्निया में गांजा का उपयोग पिछले वर्ष से वैध है।

ऐसे में ई—सिगरेट पर प्रतिबंध के बचाव में लोगों का तर्क है कि ई-सिगरेट विशेष रूप से किशोरों को आकर्षित करती है। एक तथ्य यह भी है कि देश में सबसे बड़ी ई-सिगरेट निर्माता कंपनी जूल लैब्स सैन फ्रांसिस्को में स्थित है।

क्या है ई-सिगरेट

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का आविष्कार वर्ष 2003 में चीनी फार्मासिस्ट हॉन लिक ने किया था। वर्ष 2004 में इसे बाजार में पेश किया था। ई—सिगरेट एक इन्हेलर की तरह होता है, जिसमें निकोटीन और अन्य केमिकलयुक्त लिक्विड भरा जाता है। इसमें एक बैट्री लगी होती है जिसकी ऊर्जा से निकोटीन लिक्विड जलता नहीं, बल्कि गर्म होकर भाप बनता है। इसलिए इसे पीने वाला भाप खींचता है न कि धुआं।

सेहत के लिए हानिकारक है ई-सिगरेट

  • एक शोध से साबित हो चुका है कि ई-सिगरेट का सेवन सेहत के लिए सुरक्षित नहीं है और इसका इस्तेमाल करने वालों में हार्ट अटैक से होने वाला खतरा 56 फीसदी तक बढ़ जाता है।
  • लंबे समय तक ई-सिगरेट का सेवन करना बहुत ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।
  • ई-सिगरेट से ब्लड क्लॉट की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।
  • ई-सिगरेट में निकोटीन की मात्रा अत्यधिक होती है और सिगरेट के समान ही इसमें भी टॉक्सिक कंपाउंड निकलते हैं। इसके कारण ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
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