स्पेशलः वकालत की पढ़ाई के बीच संयोग से फिल्मों में आए थे सुजीत कुमार

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70 के दशक में हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना’, ‘महबूबा’, ‘हाथी मेरे साथी’ और ‘अमर प्रेम’ जैसी कई सफल फिल्मों में सपोर्टिंग रोल निभाने वाले अभिनेता सुजीत कुमार की 7 फरवरी को 88वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उन्होंने फिल्मों में नायक के अलावा खलनायक के किरदार भी बखूबी निभाए, जिसे दर्शकों ने हमेशा से ही पसंद किया। यही नहीं सुजीत ने बॉलीवुड के अलावा कई सफल भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया। वे भोजपुरी फिल्मों के पहले सुपरस्टार माने जाते हैं। सुजीत कुमार का जन्म वर्ष 1934 में उत्तर प्रदेश के बनारस में हुआ था। वे एक किसान परिवार से आते थे।

ऐसे बना फिल्मों में आने का संयोग

उनके बारे में बताया जाता है कि सुजीत कुमार फिल्मों में आने से पहले वकालत की पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई करते समय उन्होंने कॉलेज के एक नाटक में भाग लिया। इस नाटक के जज पैनल में मशहूर निर्माता-निर्देशक फणी मजुमदार भी शामिल थे। नाटक में सुजीत कुमार की एक्टिंग से वह काफी प्रभावित हुए।

इसके बाद फणी मजुमदार साहब ने सुजीत कुमार को फिल्मों में आने का ऑफर किया और वह फिल्म के लिए राजी हो गए। इसके बाद उन्होंने 60 और 70 के दशक में कई सुपरहिट फिल्में कीं। सुजीत कुमार का जितना दोस्ताना अंदाज फिल्मों में राजेश खन्ना के साथ दिखाया गया, निजी जिंदगी में भी इन दोनों की दोस्ती काफी अच्छी थी। 1983 में उन्होंने ‘पान खाए सैयां हमार’ का निर्माण और निर्देशन किया, जिसमें अमिताभ बच्चन और रेखा की जोड़ी मेहमान कलाकार की भूमिका में थी।

सुजीत कुमार ने कई फिल्मों के निर्माता के तौर पर भी काम किया, जिनमें ‘खेल’, ‘चैम्पियन’ और ‘ऐतबार’ प्रमुख है। राजेश खन्ना और सुजीत पर फिल्माया गया गाना ‘मेरे सपनों की रानी’ हिंदी संगीत का सदाबहार गीत में से एक है। सुजीत कुमार ने अपने फिल्मी कॅरियर में करीब 150 बॉलीवुड व 25 भोजपुरी फिल्में कीं।

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भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाने लगा

सुजीत के अभिनय का जलवा भोजपुरी फिल्मों में कुछ इस कदर बिखरा कि उन्हें भोजपुरी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाने लगा। उनकी फिल्में भारत में ही नहीं मॉरीशस, गुयाना, फिजी, सुरीनाम आदि देशों में काफी लोकप्रिय रही। सुजीत कुमार की भोजपुरी फिल्मों की बात करें तो उन्होंने ‘बिदेसिया’, ‘लोहा सिंह’, ‘दंगल’, ‘पान खाए सईंया हमार’, ‘चंपा चमेली’ और ‘माई के लाल’ जैसी कई फिल्में कीं। भारतीय सिनेमा के इस दिग्गज कलाकार को वर्ष 2007 में कैंसर होने का पता चला, जिसके इलाज के दौरान 5 फरवरी, 2010 में सुजीत कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया।

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