ठेठ देहाती भाषा में गाना है खेसारी लाल यादव की खासियत

Views : 6448  |  0 minutes read

रीजनल सिनेमा की बात की जाए तो भोजपुरी सिनेमा का नाम जरूर आता है। एक बेल्ट विशेष में भोजपुरी फिल्मों का काफी क्रेज है और यहां के कई एक्टर्स हैं, जिनका लोगों के बीच काफी आकर्षण है। ऐसे ही एक भोजपुरी सिंगर और एक्टर हैं खेसारी लाल यादव। इनके एल्बम जब आते हैं तो कुछ ही समय में मिलियन व्यू मिल जाते हैं। फिल्मों में भी इनका नाम खूब चलता है। आज इन्हीं खेसारी लाल यादव का जन्मदिन है। आइए इस भोजपुरी स्टार के बारे में आपको कुछ बातें बताते हैं।


1986 में खेसारी का जन्म बिहार के सीवान में जन्‍म हुआ था। इनका असल नाम शत्रुघ्न यादव है। खेसारी को बचपन से ही गायन का शौक रहा है और वे इसे अपना कॅरियर बनाना चाहते थे लेकिन आर्थिक तंगी इनके सामने बड़ी समस्या थी। उनके पिता दिल्ली के ओखला के संजय कॉलोनी फेज 2 में एक झुग्गी में रहा करते थे और चना बेचते थे। खेसारी जब बड़े हुए तो उन्होंने भी करीब 2 साल तक अपने पिता के साथ वहीं लिट्टी-चोखा बेचा और उन्ही पैसों से गानों के कैसेट्स निकाले। खेसारी शुरू से ही गाने बजाने में ध्यान लगाने लगे थे। उनके गांव रसूलपुर में ही महाभारत और रामायण की कथा गाकर सुनाने वाले उनके गुरु कमलाकांत मिश्र व्यास ने खेसारी को झाल बजाने का काम सौंप दिया। खेसारी झाल बजाने के साथ कोरस गाते गाते आगे गाने गाने लगे। यहां से उनकी गायकी की शुरुआत हुई। इस बीच खेसारी को बीएसएफ में नौकरी भी मिली लेकिन गायिकी के लिए वे इसे छोड़ आए। खेसारी के गाने यू ट्यूब पर हिट होने लगे और उन्हें यू ट्यूब किंग का खिताब भी जल्द ही मिल गया। खेसारी की के गाने की खासियत यह है कि वे ठेठ देसी भाषा में गाते हैं, जिससे श्रोता अपने आप उनके गानों की ओर खींचे चले आते हैं।


अभिनय कॅरियर की बात करें तो उनके गानों की प्रसिद्धि को देखते हुए निर्देशकों ने उन्हें फिल्मों में लेने का सोचा। खेसारी पहली बार 2011 में भोजपुरी फ‍िल्‍म ‘साजन चले ससुराल’ में नज़र आए थे और यह फिल्म काफी अच्छी चली। इसके बाद 2012 में उनकी पांच फ‍िल्‍में और 2013 में 10 फ‍िल्‍में आईं। खेसारी अब तक 50 से ज्‍यादा भोजपुरी फ‍िल्‍मों में काम कर चुके हैं।

COMMENT