साक्षी मलिक बनीं पहली भारतीय महिला पहलवान, जिसने दिलाया था ओलम्पिक में पदक

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भारत की फ्रीस्टाइल पहलवान और ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक आज 3 सितंबर को अपना 27वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। साक्षी ने वर्ष 2016 के रियो ओलम्पिक में 58 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। वह ओलम्पिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी। साथ ही वह देश की चौथी महिला ओलंपिक पदक विजेता बनी।

बचपन से था कुश्ती के प्रति जुनून

साक्षी मलिक का जन्म 3 सितंबर, 1992 को हरियाणा राज्य के रोहतक जिले के मोखरा गांव में हुआ था। उनके पिता सुखबीर मलिक दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन में बस कंडक्टर और मां सुदेश मलिक सरकारी स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारी हैं। वह अपने दादा बदलु राम, जो एक पहलवान थे उन्हें देखकर बचपन से ही कुश्ती के लिए प्रेरित हुई। उन्होंने 12 साल की उम्र में रोहतक के छोटू राम स्टेडियम के एक अखाड़े में ईश्वर दहिया से कुश्ती में प्रशिक्षण लेना प्रारंभ किया। हालांकि शुरूआत में कई लोगों ने लड़कियों को कुश्ती के गुर सिखाने का विरोध किया, बाद में धीरे-धीरे हालात बदल गए।

कुश्ती में ओलम्पिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला

साक्षी का पहला अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट वर्ष 2010 में जूनियर विश्व चैम्पियनशिप था जिसमें उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसके बाद वर्ष 2014 में डेव शुल्ज रेसलिंग टूर्नामेंट में साक्षी ने स्वर्ण पदक जीता और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2014 के ग्लासगो कॉमनवेल्थ में साक्षी ने देश को कुश्ती में रजत पदक दिलाया। वर्ष 2015 में दोहा में हुई सीनियर एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। वर्ष 2018 के गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ खेलों में उसने कांस्य पदक जीता।

साक्षी के लिए रियो ओलम्पिक 2016 यादगार रहा, इसमें देश को महिला कुश्ती में पहला कांस्य पदक दिलाया। यह न केवल रियो में भारत का पहला पदक है, बल्कि साक्षी भी ओलंपिक में कुश्ती के लिए पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

रेलवे में बनी अधिकारी

साक्षी ने रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्हें विश्वविद्यालय में सितंबर 2016 से कुश्ती निदेशक के पर नियुक्त किया गया।

मलिक वर्तमान में भारतीय रेलवे के उत्तर-पश्चिम जोन में दिल्ली डिवीजन के वाणिज्यिक विभाग में कार्यरत हैं और JSW स्पोर्ट्स एक्सीलेंस प्रोग्राम का एक हिस्सा है। उन्हें रियो में कांस्य पदक जीतने के बाद वरिष्ठ क्लर्क से राजपत्रित अधिकारी रैंक में पदोन्नत किया गया।

विवाह

साक्षी मलिक ने 2 अप्रैल, 2017 को रोहतक में भारतीय पहलवान सत्यव्रत कादियान के साथ शादी के बंधन में बंध गई।

पुरस्कार

ओलम्पिक पदक विजेता साक्षी मलिक को भारत सरकार ने वर्ष 2017 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया। उन्हें वर्ष 2016 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

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