नहीं थमा मध्य प्रदेश का सियासी बवाल, गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में फिर होगी सुनवाई

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मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रहा सियासी बवाल अभी थम नहीं पा रहा है। इस मामले में बुधवार को भाजपा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और गुरूवार को पुन: सुनवाई होगी। दूसरी तरफ बेंगलुरू में कांग्रेस से बागी ​हुए विधायकों से मिलने पहुंचे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को धरने पर बैठने के दौरान हिरासत में ले लिया गया।

गुरुवार को पुन: सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई एक याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई और इस दौरान शीर्ष अदालत ने विधानसभा के स्पीकर से पूछा कि अब तक विधायकों के इस्तीफे क्यों स्वीकार नहीं किए गए हैं। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक एमपी संकट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को शीघ्र ही फैसला लेने की सलाह दी है और बागी विधायकों से मिलने व रजिस्ट्रार जनरल को उनसे मिलने के लिए भेजने के अनुरोध पर भी मना कर दिया है। गौरतलब है कि भाजपा नेता व एमपी के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाकर कमलनाथ सरकार का शीघ्र ही बहुमत परीक्षण जल्द करवाने की मांग की है।

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बीजेपी पर भडके दिग्विजय सिंह

बेंगलुरू में बुधवार सुबह बागी विधायकों से मिलने पहुंचे एमपी के पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को धरने के दौरान कुछ समय के लिए कर्नाटक पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।इधर दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में भाजपा पर हमला बोला है। सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी एमपी में लोकतंत्र की हत्या कर रही है और बागी विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। वह इस मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर करने जा रहे हैं। गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद व कई विधायकों के कांग्रेस से बागी होने के बाद एमपी की राजनीति में आए दिन नए मोड सामने आ रहे हैं एवं कमलनाथ सरकार संकट में बनी हुई है।

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