पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को दिया यह चैलेंज

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नागरिकता संशोधन बिल के पास होने के बाद से देश में कुछ जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल भी इस बिल का विरोध कर रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को चैलेंज दिया है। उन्होंने मंगलवार को झारखंड के ​बरहेट में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस देश के मुस्लिमों में भय का माहौल बना रही है।

पीएम मोदी ने कांग्रेस समेत विपक्ष के सभी दलों को चुनौती दी कि नागरिकता बिल और एनआरसी पर विपक्षी पार्टियां झूठ बोल रही हैं और लोगों को भ्रमित कर रही है। उन्होंने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो कांग्रेस खुलेआम यह ऐलान करे कि वह पाकिस्तान के हर नागरिक को भारत की नागरिकता देगी। वह घोषणा करे और भारत की जनता उनका हिसाब कर देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पिछले 70 सालों से देश के लोगों को बहकाने का काम करती आ रही है।

शांति से काम हो जाए तो विपक्ष को नहीं पचता

झारखंड में चुनावी जनसभा में पीएम मोदी ने कहा कि देश में सारे काम शांति से होते हैं तो विपक्षियों के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यही डर आर्टिकल 370 को लेकर भी दिखाया गया था। तब भी ये कह रहे थे कि इसे हाथ लगाया तो करंट लग जाएगा, बवाल हो जाएगा, देश के टुकड़े हो जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद, आतंकवाद बढ़ता गया। आज़ादी के बाद से सत्ता में रहे कांग्रेस के लोग ये देखते रहे, लेकिन निर्णय नहीं किया। अनुच्छेद 370 भी हट गया है और कश्मीर शांति से आगे बढ़ रहा है। देश ने कांग्रेस और उसके साथियों की नकारात्मक सोच को नकार दिया। लेकिन, इन पार्टियों ने लोगों को डराने और झूठी बातें फैलाने को अपनी राजनीति का आधार बना लिया है।

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भारत के मुसलमानों को डरा रही कांग्रेस

पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुूए कहा कि ये लोग नागरिकता संशोधन कानून को लेकर झूठ बोलने और देश में हिंसा फैलाने में लगे हुए हैं। ये लोगों को डराने में लगे हैं। कांग्रेस और उसके साथियों ने भारत के मुसलमानों को डराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। ये लोग देश में झूठ और भ्रम का माहौल बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ये बात पत्थर की लकीर की तरह साफ़ है कि इस कानून से भारत के किसी भी नागरिक भले ही वह हिंदू हो, मुसलमान हो, ईसाई हो या पारसी.. किसी की नागरिकता पर असर नहीं पड़ेगा। इससे देश के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है।

 

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