खून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भाजपा नहींः कृषि मंत्री तोमर

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केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में बोलते हुए कृषि कानूनों पर अपनी बात देश के सामने रखी। तोमर ने गांव, गरीब और किसान पर बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है। खून से खेती सिर्फ कांग्रेस ही कर सकती है, भारतीय जनता पार्टी खून से खेती नहीं कर सकती।’ कृषि मंत्री ने कहा कि मैं किसान यूनियनों से दो महीने तक यही पूछता रहा कि कृषि कानून में काला क्या है, यह बताएं आप। मैं ठीक करने की कोशिश करूंगा, लेकिन अब तक एक भी प्रावधान नहीं बताया गया।

हम संशोधन को तैयार, इसका मतलब यह नहीं कानून गलत

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में कहा, हमने किसान संगठनों के साथ 12 बार बात की। उनके खिलाफ कुछ नहीं कहा और बार-बार यही कहा है कि आप क्या बदलाव चाहते हैं, वो हमें बता दीजिए। उन्होंने कहा कि अगर हमारी सरकार कानून में बदलाव कर रही है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि कृषि कानून गलत है। कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि सिर्फ एक राज्य के किसानों को बरगलाया जा रहा है, किसानों को डराया जा रहा है।

जैसे ही रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा, बजट भी बढ़ा दिया जाएगा

‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के बजट में हुई कटौती को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद आनंद शर्मा द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अभी तक 10 करोड़ के आसपास किसानों ने पंजीकरण कराया है। यही कारण है कि मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से ही बजट की व्यवस्था की गई है। जैसे ही रजिस्ट्रेशन बढ़ेगा, तुरंत पीएम किसान सम्मान निधि योजना का बजट भी बढ़ा दिया जाएगा।

सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध

कृषि मंत्री तोमर ने मोदी सरकार के कोरोना महामारी से निपटने के लिए किए गए कार्यों को गिनवाते हुए कहा कि गांव, गरीब और किसानों के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि जब तक गांवों में पैसा नहीं पहुंचाएंगे, तब तक विकास नहीं होगा। नरेंद्र सिंह तोमर ने आगे मनरेगा योजना पर कहा कि कुछ लोग मनरेगा को गड्ढों वाली योजना कहते थे। जब तक आपकी सरकार थी, उसमें गड्ढे खोदने का ही काम होता था लेकिन मुझे ये कहते हुए प्रसन्नता और गर्व है कि इस योजना की शुरुआत आपने की और इसे परिमार्जित हमने किया। अब मनरेगा का काम सिर्फ गड्ढे खोदना नहीं।

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