बर्थडे: नीतू सिंह ने बाल कलाकार के तौर पर किया था बॉलीवुड में डेब्यू

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बॉलीवुड में कुछ ऐसी एक्ट्रेसेज हैं जिन्होंने अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों को बहुत अच्छे से बैलेंस किया है। इनमें से एक हैं नी​तू सिंह। कपूर खानदान की बहू बनने से पहले नीतू ने बॉलीवुड में अपनी एक्टिंग से एक अलग जगह बनाई थी। फिल्मों में उनका बिंदास अंदाज काफी पसंद किया जाता था। साथ ही वे इतनी खूबसूरत थीं कि हर किरदार में वे अच्छी लगती थीं। यही कारण है कि अपने समय में उन्होंने हर बड़े एक्टर के साथ उन्होंने हिट फिल्में दी हैं। नीतू आज अपना 64वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। आइए उनकी जिंदगी के बारे में जानते हैं….

 

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‘सूरज’ फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा

कॅरियर की बात करें तो नीतू ने बॉलीवुड में बाल कलाकार के तौर पर डेब्यू किया था। महज 8 साल की उम्र में उन्होंने 1966 में आईं ‘सूरज’ फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा। जिसके बाद उन्होंने ‘दस लाख’, ‘वारिस’ और ‘पवित्र पापी’ जैसी कई फिल्में की। साल 1973 में आई ‘यादों की बारात’ फिल्म में नीतू कपूर को एक डांस ने स्टार बना दिया। उन्होंने 1973 में फिल्म ‘रिक्शावाला’ के साथ लीड एक्ट्रेस के रूप में शुरुआत की और 1973 से 1983 तक मुख्य नायिका के रूप में 50 फिल्मों में काम किया।

निजी जिंदगी की बात करें तो नीतू की जोड़ी सबसे ज्यादा ऋषि कपूर के साथ पसंद की गई। ऋषि के साथ नीतू ने 12 फिल्मों में एक साथ काम किया, जिसमें ‘खेल खेल में’ (1975), ‘रफ़ू चक्कर’ (1975), ‘कभी कभी’ (1976), ‘अमर अकबर एंथनी’ (1977), ‘दुनिया मेरी जेब में’ (1979) और ‘पति पत्नी और वो’ (1978) में उनकी अतिथि भूमिका सफल रही।

दूसरी फिल्में ‘जहरीला इंसान’ (1974), ‘जिन्दा दिल’ (1975), ‘दूसरा आदमी’ (1977), ‘अनजाने में’ (1978), ‘झूठा कहीं का’ (1979) और ‘धन दौलत’ (1980) बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं।

 

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अपने को-स्टार ऋषि को दिल दे बैठी थीं नीतू

17 साल की उम्र में नीतू अपने को-स्टार ऋषि को दिल दे बैठी थीं। हालांकि उनके मां को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और इस कारण उन्हें अपनी मां से मार भी खाना पड़ा था। लेकिन नीतू और ऋषि के प्यार के आगे सभी को झुकना पड़ा और 1980 में दोनों की शादी हो गई। तब नीतू 21 साल की थी।

शादी के तीन साल बाद 1983 में नीतू ने फिल्मी दुनिया को अलविदा कह दिया क्योंकि वे अपने परिवार को पूरा समय देना चाहती थीं। ना सिर्फ पत्नी के रूप में बल्कि रिद्धिमा और रणबीर की मां के रूप में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदार बखूबी अदा की।

नीतू को अपनी ​फील्ड से बेहद प्यार था और हर फिल्म उनके लिए खास होती थी। उनके साथ काम कर चुके लोगों के अनुसार नीतू अपने काम को लेकर काफी संजीदा थी और अपने किरदारों में ढलने की पूरी कोशिश किया करती थीं।

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