झूलन गोस्वामी ने टीवी पर विश्वकप का फाइनल मैच देखने के बाद ठान लिया था क्रिकेटर बनना

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दिग्गज भारतीय महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी आज अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं। उनका जन्म 25 नवंबर, 1982 को पश्चिम बंगाल राज्य के नदिया जिले स्थित चकदाह में हुआ। झूलन बचपन में अपने घर के आसपास के लड़कों के साथ टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलती थीं, लेकिन उनकी रफ़्तार इतनी कम थी कि लड़के उनको चिढ़ाते और कहते थे कि बॉलिंग तुम्हारे बस की नहीं, तुम बैटिंग कर लो। ये बातें झूलन को बहुत चुभी और उन्होंने उसी दिन फैसला किया वो तेज गेंदबाज बनेंगी। झूलन गोस्वामी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वर्ष 1997 में महिला विश्वकप का फाइनल मैच टीवी पर देखने के बाद उनके मन में पहली बार भारत के लिए खेलने की इच्छा हुई।

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बचपन में स्कूल जाना नहीं था पसंद

झूलन गोस्वामी को बचपन में स्कूल जाना बिल्कुल नहीं पसंद था। शुरु से क्रिकेट ही उनका एकमात्र जुनून था। कभी-कभी क्रिकेट खेलने से रोकने के लिए मां उन्‍हें घर में बंद कर देती थी, लेकिन इससे वह रुकी नहीं। वह चुपचाप घर से निकलती और क्रिकेट खेलने फ्रेंड्स क्लब पहुंच जाती थीं। यही नहीं वे मैच प्रैक्टिस के लिए रोजाना करीब 80 किलोमीटर का सफ़र तय करती थीं। क्रिकेट की बारीकियां ​सीखने के लिए उन्‍हें सुबह करीब 4.30 बजे लोकल ट्रेन पकड़नी होती थी।

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‘पद्मश्री’ से सम्मानित हो चुकी है झूलन

झूलन गोस्वामी को साल 2007 में ‘आईसीसी विमेंस क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। वर्ष 2008 में झूलन को भारतीय टीम की कप्तानी सौंपी गईं। उन्होंने 25 वनडे मैचों में भारतीय टीम की कमान संभाली थी। साल 2010 में झूलन को ‘अर्जुन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। वर्ष 2012 में भारत सरकार ने झूलन गोस्वामी को देश के चौथे सर्वोच्च सिविल पुरस्कार ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया।

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ऑलराउंडर झूलन गोस्वामी ने टीम इंडिया के लिए 12 टेस्ट और 192 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट मैचों में उन्होंने 44 विकेट झटके और 291 रन बनाए हैं। वहीं, वनडे में झूलन 240 ​विकेट झटके हैं और 1162 भी बनाए हैं। अगर उनके टी-20 कॅरियर की बात करें तो 68 मैचों में 405 रन अपने नाम दर्ज करवाए हैं और 56 विकेट चटकाए हैं।

वर्तमान में वे भारतीय टीम की खिलाड़ी होने के साथ ही बॉलिंग कंसल्टेंट यानि कोच का काम भी करती हैं। झूलन एक समय दुनिया की सबसे तेज गेंदबाज रहीं। उनकी गेंदों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा हैं। हालांकि, गति के मामले में उनका रिकॉर्ड पीछे छूट गया, लेकिन वे दुनिया की सबसे तेज ​महिला गेंदबाजों में से एक हैं।

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