केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने का फैसला वापस लिया

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केंद्र सरकार ने लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने का अपना फैसला फौरन ही वापस ले लिया है। महज 24 घंटे के भीतर ही केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने अपना आदेश वापस लिया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गलती से ब्याज दर घटाने का आदेश जारी हो गया था। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं पर ब्याज दर वही रहेगी, जो पिछले साल मार्च तिमाही में थी। लघु बचत योजनाओं पर पुरानी ब्याज दर जारी रहेगी। बचत खाते में जमा रकम पर सालाना चार प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा।

बुधवार को ब्याज दर में कटौती का लिया था फैसला

आपको जानकारी के लिए बता दें कि केंद्र सरकार ने बुधवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और एनएससी (राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र) समेत कुछ लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में अधिकतम 1.1 प्रतिशत तक की कटौती की। यह कटौती एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई थी। सरकार ने ब्याज दर घटने के रुझान के अनुरूप यह कदम उठाया था। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ पर ब्याज 0.7 प्रतिशत कम कर 6.4 प्रतिशत जबकि एनएससी पर 0.9 प्रतिशत कम कर 5.9 प्रतिशत कर दी गई थी।

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम में 0.9 फीसदी की कटौती

वित्त मंत्रालय के आदेश के अनुसार, पांच वर्ष की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर 0.9 प्रतिशत घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दी गई थी। इस योजना के तहत ब्याज तिमाही आधार पर दिया जाता है। पहली बार बचत खाते में जमा रकम पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाकर 3.5 प्रतिशत कर दी गई। जबकि अबतक इस पर सालाना 4 प्रतिशत ब्याज मिलता था। ब्याज में सर्वाधिक 1.1 प्रतिशत की कटौती एक साल की मियादी जमा राशि पर की गई थी। हालांकि, अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के स्पष्टीकरण के बाद पुरानी ब्याज दर 5.5 प्रतिशत ही जारी रहेगी।

इसी प्रकार दो साल के लिए मियादी जमा पर पर ब्याज 0.5 प्रतिशत घटाने का फैसला किया गया था, लेकिन उसपर भी पहले की तरह ही 5.5 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। जबकि, तीन साल की जमा पर पुराना ब्याज दर ही जारी रहेगा। बालिकाओं के लिए बचत योजना सुकन्या समृद्धि योजना पर ब्याज दर 2021-22 की पहली तिमाही के लिए 0.7 प्रतिशत घटाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया गया था, लेकिन इस पर 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा। वहीं, किसान विकास पत्र योजना पर सालाना ब्याज दर पहले की तरह 6.9 प्रतिशत ही रहेगी।

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