‘रेलयात्री’ के सर्वर से सात लाख यात्रियों का डाटा हुआ लीक, कई जानकारी सार्वजनिक

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कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बाद साइबर क्राइम में दिन-प्रतिदिन इजाफा हुआ है। आए दिन हैकर्स फोरम पर लोगों की निजी जानकारियों के लीक होने की खबरें सामने आ रही हैं। अब RailYatri के सर्वर में सेंध लगने की खबर है। एक साइबर सिक्योरिटी फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक रेलयात्री ने अनसिक्योर सर्वर पर लोगों का डाटा रखा था जिसका फायदा उठाकर हैकर्स ने इस घटना को अंजाम दिया है। लीक हुए डाटा में टिकट बुक करने वालों की लोकेशन, यूपीआई आईडी, पेमेंट लॉगिन, बस बुकिंग, ई-मेल एड्रेस, नाम और कॉन्टेक्ट नंबर्स जैसी जानकारियां शामिल हैं।

पैसेंजर्स के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी लीक

से​फ्टी डिटेक्टिव्स नाम की सिक्योरिटी फर्म ने कहा है कि रेलयात्री के सर्वर से 7 लाख से अधिक पैसेंजर्स की निजी जानकारी लीक हुई है जिनमें पेमेंट डीटेल से लेकर नाम और टिकट बुकिंग डीटेल्स समेत कई जानकारी शामिल हैं। इस डाटा लीक में पैसेंजर्स क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी लीक हुई है। इस लीक के बारे में फर्म ने 10 अगस्त को ही जानकारी दी थी। सिक्योरिटी फर्म का कहना है कि रेलयात्री ने अनएंक्रिप्टेड और बिना पासवर्ड वाले सर्वर पर यूजर्स का डाटा रखा था। लीक हुए डाटा की साइज करीब 43 जीबी है। लीक डाटा में अधिकतर डाटा भारतीय लोगों की है, हालांकि इस रिपोर्ट पर रेलयात्री ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन सर्वर को फिलहाल बंद कर दिया गया है।

बीते 12 अगस्त को सर्वर पर Meow बॉट ने अटैक किया था जिसने पूरे सर्वर डाटा को डिलीट कर दिया था। बता दें कि Meow बॉट एक नए टाइप का साइबर अटैक है जो Elasticsearch, Redis और MongoDB जैसे अनसिक्योर सर्वर को डिलीट कर देता है।

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