जयपुर बम धमाकों के चारों आरोपियों को फांसी की सजा

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में 11 साल 7 माह बाद शुक्रवार 20 दिसंबर को 13 मई, 2008 को परकोटे में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। स्पेशल कोर्ट के जज अजय कुमार शर्मा ने सरवर आजमी, मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान और सलमान को सजा सुनाई है। बम धमाकों के चारों आरोपितों को बुधवार को दोषी ठहराए जाने के बाद गुरुवार को सजा के बिंदुओं पर बहस हुई थी। बहस से पहले चारों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट लाया गया था।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के दोषियों को बुधवार 18 दिसंबर को चार दोषियों पर दोष सिद्ध किया है। वहीं मुजाहिदीन के नाम से धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले आरोपी मोहम्मद शहबाज हुसैन को जज अजय कुमार शर्मा प्रथम ने संदेश का लाभ देते हुए बरी कर दिया। वहीं मुजाहिदीन के नाम से धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले आरोपी मोहम्मद शहबाज हुसैन को जज अजय कुमार शर्मा प्रथम ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

बम धमाकों के आरोपी छोटा साजिद और मोहम्मद आतीफ अमीन उर्फ बशीर बाटला एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। वहीं आरोपी आरिज खान उर्फ जुनैद दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। शादाब बैग उर्फ मलिक, साजिद बड़ा, मोहम्मद खालिद अब भी फरार हैं।

अजय शर्मा इस केस की सुनवाई करने वाले आठवें जज हैं और उनसे पहले सात जज केस की सुनवाई कर चुके हैं। अजय कुमार शर्मा आरोपियों शाहबाज हुसैन, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजम, सैफुर्रहमान और मोहम्मद सलमान पर फैसला सुनाएंगे। पिछले एक साल में केस की सुनवाई तेज कर 1,296 गवाहों के बयान दर्ज किए गए और अभियोजन और बचाव पक्ष ने सवाल-जवाब भी किए।

13 मई, 2008 को दिया धमाकों को अंजाम

बता दें 13 मई, 2008 को परकोटै में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 71 लोगों की मौत हो गई थी और 185 लोग घायल हो गए थे। इन धमाकों के पीछे 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

इन आतंकियों ने जयपुर पहुंचने के बाद अपना नाम परिवर्तित कर हिंदू रख लिया था। इन सभी ने साइकिल खरीदी और विस्फोटक वाला बैग रखकर पहले से चिह्नित जगहों पर खड़ी करके विस्फोटक में टाइमर के सैल लगा दिए। इसके बाद वे सभी रेल से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

एटीएस ने किए आतंकियों को गिरफ्तार

जयपुर में हुए सीरियल बम धमाकों के बाद राजस्थान में तत्कालीन भाजपा सरकार ने बम धमाकों के दोषियों को पकड़ने के लिए एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड़ का गठन किया था। इसे जयपुर मुख्यालय में स्थापित किया गया।

वहीं इन धमाकों के बाद कोतवाली और माणकचौक थाने में दर्ज 8 मुकदमों की जांच एटीएस राजस्थान को सौंपा गया। एटीएस ने 11 आतंकियों को नामजद किया।

इस तरह पकड़े थे आरोपियों को

बम धमाकों की जांच करते समय एटीएस ने सितंबर, 2008 में सबसे पहले इंडियन मुजाहिद्दीन को घटना की जानकारी मेल करने वाले आरोपी मोहम्मद शहबाज हुसैन को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने 21 जनवरी, 2009 को मोहम्मद सरवर आजमी को उत्तर प्रदेश में पकड़ा गया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि चांदपोल हनुमान मंदिर के सामने उसने बम रखे थे।

सैफूर्रहमान के एमपी में पकड़े के बाद 13 अप्रेल 2009 को एटीएस ने गिरफ्तार किया। वहीं पिछले साल आरिज खान उर्फ जुनैद को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। लेकिन अभी तक राजस्थान पुलिस ने उसे प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार नहीं किया है। दो आतंकियों को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया। एक को पिछले साल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था। 3 गुनाहगार फरार है।

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