मॉब लिंचिंग पर पीएम मोदी को खुला पत्र लिखने वालों के खिलाफ मामला दर्ज, साथ ही लगे कई आरोप

Views : 1018  |  0 minutes read

देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 49 चर्चित हस्तियों ने खुला पत्र लिखा था, अब उनके खिलाफ गुरुवार को मुजफ्फरपुर में केस दर्ज किया गया है। पत्र लिखने वालों में रामचंद्र गुहा, अनुराग कश्यप, मणिरत्नम और अपर्णा सेन सहित कई प्रसिद्ध हस्तियां शामिल हैं। स्थानीय वकील सुधीर कुमार ओझा की ओर से 2 महीने पहले दायर याचिका पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद मामला दर्ज किया गया।

वकील सुधीर ने कहा है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 20 अगस्त को मेरी याचिका स्वीकार की थी और 3 अक्टूबर को सदर पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। पीएम मोदी को लिखे खुले पत्र में हस्ताक्षर करने वाले 49 हस्तियों को इस याचिका में आरोपी माना गया है। उन पर देश की छवि को धूमिल करने का आरोप है। यही नहीं उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किए जा रहे प्रयासों को कमतर आंका है।

इन लोगों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें राजद्रोह, धार्मिक भावनाओं को आहत करने, शांति भंग करने संबंधी धाराएं लगाई गई हैं।

कला, साहित्य और अन्य क्षेत्र से जुड़ें है पत्र लिखने वाले लोग

देश के साहित्य, कला और अन्य क्षेत्र से जुड़ें 49 प्रसिद्ध हस्तियों ने 23 जुलाई को पीएम मोदी के नाम एक खुला पत्र लिखा। इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में एक्ट्रेस अपर्णा सेन, कोंकणा सेन शर्मा, लेखक रामचंद्र गुहा, निर्देशक अनुराग कश्यप, शुभा मुद्गल जैसे कलाकार थे। सरकार पर पत्र के माध्यम से लग अरोपों को पहले ही खारिज किया जा चुका है। जिसमें उन्होंने अल्पसंख्यक मुस्लिम, दलित और अन्य समुदायों के लोगों के खिलाफ भीड़ द्वारा की जा हिंसा (मॉब लिंचिंग) पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।

इनके प्रत्युत्तर में देश की 62 हस्तियों ने खुला खत लिखा था

जब पीएम को मॉब लिंचिंग पर पत्र लिखा तो इसके जबाव में देश कुछ हस्तियों ने पीएम मोदी के समर्थन में पत्र लिखा। जिनमें कंगना रनौत, प्रसून जोशी, समेत 62 हस्तियां शामिल थी। उन्होंने लिखा था कि कुछ लोग चुनिंदा तरीके से सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हैं। जिनका उद्देश्य केवल लोकतांत्रिक मूल्यों को बदनाम करना है। उन्होंने पूछा कि जब नक्सली वंचितों को निशाना बनाते हैं तब वे क्यों चुप रहते हैं?

COMMENT