डेब्यू मैच में एक रन बनाने के बाद टीम इंडिया से बाहर कर दिए गए थे वीरेंद्र सहवाग

Views : 670  |  4 minutes read
Virender-Sehwag-Biography

पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग आज अपना 43वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। सहवाग का जन्म 20 अक्टूबर, 1978 को दिल्ली के पास नजफगढ़ में हुआ था। उनका बचपन भले ही दिल्ली में बीता, लेकिन उनका परिवार हरियाणा से आता है। सहवाग के पिता कृष्ण सहवाग दिल्ली में गेहूं के व्यापारी हुआ करते थे। उनकी की मां का नाम कृष्णा सहवाग हैं। टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग को ‘मुल्तान का सुल्तान’, ‘वीरू’ और ‘नवाब ऑफ नजफ़गढ़’ जैसे उपनामों से भी जाना जाता है।

Virender-Sehwag

सहवाग ट्विटर पर काफ़ी सक्रिय रहते हैं और अक्सर चुटिले अंदाज़ में अपने साथी खिलाड़ियों को बर्थडे विश किया करते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद वह बतौर कॉमेंटेटर स्पोर्ट्स चैनल्स पर कॉमेंट्री करते दिखते रहे हैं। इसके अलावा सहवाग क्रिकेट एक्सपर्ट के तौर पर भी नज़र आते हैं। आइए इस ख़ास मौके पर जानते हैं अपने समय के सबसे विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग के जीवन के बारे में कुछ अनसुने किस्से…

Virender-Sehwag-Family

वीरू को बहुत कम उम्र में हो गया था क्रिकेट से लगाव

वीरेंद्र सहवाग को बचपन में ही क्रिकेट से लगाव हो गया था। जब वे महज़ सात महीने के थे, तब उनके घर वालों ने उन्हें एक छोटा सा क्रिकेट बैट लाकर दिया था। सहवाग को यह बैट इतना भाया कि वह दिनभर उसे अपने पास रखते थे। उनके घरवाले समझ गए कि आखिर बच्चा बड़ा होकर क्या बनने वाला है। सहवाग की दो बहनें अंजू व मंजू और एक छोटा भाई विनोद सहवाग हैं। वीरू अपने चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर के हैं। वीरेंद्र सहवाग ने वर्ष 2004 में अपनी ही रिश्तेदार आरती अहलावत से शादी की। इन दोनों के दो बेटे आर्यवीर और वेदांत सहवाग हैं।

Virender-Sehwag-Wife

सहवाग ने पाकिस्तान के विरूद्ध खेला पहला मैच

पूर्व क्रिकेटर सहवाग ने प्रथम श्रेणी घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया था। आईपीएल में वह दिल्ली डेयरडेविल्स और किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेले। वहीं, वीरेंद्र सहवाग के अंतरराष्ट्रीय कॅरियर की शुरुआत अप्रैल 1999 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मोहाली में हुईं। हालांकि, उस मैच में सहवाग ने केवल एक रन ही बनाया था, जिसके बाद लगभग दो साल तक वे टीम इंडिया में वापसी नहीं कर सके।

Sehwag-and-Sachin

तेंदुलकर के चोटिल होने पर मिला दोबारा मौका

सहवाग को टीम में दोबारा शामिल होने का मौका सचिन तेंदुलकर की वजह से मिला था। वर्ष 2001 में न्यूजीलैंड और श्रीलंका के साथ भारत ने एक त्रिकोणीय श्रंखला खेलीं। इस दौरान श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में भारतीय ओपनर सचिन तेंदुलकर के पैर में इंजरी के हो गईं। इस कारण सहवाग को सलामी बल्लेबाज के तौर पर मैदान में भेजा गया। इस मैच में उन्होंने अपने कॅरियर का पहला शतक ठोका और सुर्खियों में छा गए। इसके बाद वीरू ने काफ़ी लंबे समय तक टीम इंडिया का प्र​तिनिधित्व किया।

Virender-Sehwag-

वीरू के नाम दर्ज हैं कई शानदार रिकॉर्ड्स

वैसे तो वीरेंद्र सहवाग के नाम कई रिकॉर्ड्स दर्ज हैं, लेकिन कुछ रिकॉर्ड्स काफ़ी दिलचस्प है। वर्ष 2004 में सहवाग ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ दिया था। उस मैच में टीम इंडिया 360 रन के विशाल स्कोर का पीछा कर रही थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला ओवर तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने किया। सहवाग ने गिलेस्पी की पहली ही गेंद पर जोरदार छक्का मारते हुए बॉल हवा में बाउंड्री के बाहर भेज दी। क्रिकेट इतिहास में ऐसा करने वाले वो तीसरे और पहले भारतीय क्रिकेटर बने थे। उनसे पहले मार्क ग्रेटबैच ने वर्ष 1992 में वसीम अकरम के ख़िलाफ़ और फिलो वॉलैस ने वर्ष 1998 में जवागल श्रीनाथ की पहली ही गेंद पर सिक्स लगाने का कारनामा किया था।

Virender-Sehwag

टेस्ट में दो तिहरे शतक दर्ज हैं सहवाग के नाम

अपने समय के तूफानी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के नाम टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक (309 और 319) दर्ज हैं। टेस्ट में उनके नाम 6 दोहरे शतक हैं, जिसे विराट कोहली ने तोड़ा। सहवाग के नाम वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक (219) भी है। वे दुनिया के एकमात्र सलामी बल्लेबाज हैं, जिसने टेस्ट और वनडे दोनों में 7500 से अधिक रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में तेज दोहरा और तीसरा शतक दर्ज हैं।

Virender-Sehwag-

भारत के पहले टी-20 कप्तान हैं सहवाग

किसी भी वनडे मैच में सबसे अधिक चौके मारने का रिकॉर्ड पहले सहवाग के नाम था। उन्होंने साल 2011 में इंदौर वनडे में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ मैच में 25 चौके मारे थे। उनके इस रिकॉर्ड को भारत के ही रोहित शर्मा ने 33 चौके लगाकर तोड़ दिया। पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग को भारत के पहले टी-20 कप्तान होने का गौरव प्राप्त है। वर्ष 2007 में उन्होंने टीम इंडिया के पहले टी-20 मैच में दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ कप्तानी की थी। सहवाग किंग्स इलेवन पंजाब के कोच रह चुके हैं। अब वे अक्सर कॉमेंट्री करते नज़र आते हैं।

Read Also: गौतम गंभीर को शिशु अवस्था में ही उनके नाना-नानी ने ले लिया था गोद

COMMENT