व्हाट्सएप की नई पहल, ऐसे लगाएगी फेक न्यूज पर रोक!

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खबरें हैं कि व्हाट्सएप ने मंगलवार को लोकसभा चुनाव से पहले गलत या फेक न्यूज के प्रसार को रोकने के लिए भारत में एक फैक्ट-चैकिंग सर्विस शुरू की।
इंटरनेट आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने एक बयान में कहा कि उसने चेकपॉइंट टिपलाइन नाम की सर्विस के लिए भारतीय स्टार्टअप प्रोटो और दो अन्य संगठनों डीग डीपर मीडिया और मीडन के साथ टाई अप किया है।

उपयोगकर्ता अंग्रेजी, हिंदी, तेलुगु, बंगाली और मलयालम में तस्वीरें, वीडियो और टैक्स्ट सहित सभी तरह के मैसेज भेज सकते हैं। टिप लाइन उन मैसेज को सही, गलत, भ्रामक या विवादित के रूप में वर्गीकृत करेगी। नंबर 919643000888 है।

व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा कि वायरल फेक न्यूज की चुनौती के लिए अधिक सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है और इसे केवल किसी एक संगठन द्वारा हल नहीं किया जा सकता है और यह सर्विस उसी में एक ठोस कदम है।
एक बयान में, प्रोटो संस्थापक रितविज पारीख और नासर उल हादी ने कहा कि

परियोजना का उद्देश्य व्हाट्सएप में मूल रूप से गलत सूचनाओं का अध्ययन करना था। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार फर्जी खबरों से निपटने के लिए काम करने वाले अन्य संगठनों की मदद के लिए प्रोटो इंटरनेशनल जर्नलिस्ट्स के लिए अपने निष्कर्षों को भेजने की योजना बना रहा है।

फेक न्यूज चुनौती

यह चुनावों से पहले नकली समाचारों से निपटने के लिए मंच द्वारा शुरू की गई कई पहलों में से एक है, जो 11 अप्रैल से 19 मई तक आयोजित की जाएगी। भारत में पिछले कुछ समय में व्हाट्सएप फैक न्यूज का एक बड़ा प्लैटफॉर्म बनकर उभरा है। फिर चाहे वो बच्चा चोरी करने वाली खबरें हों या फिर गौहत्या संबंधी फेक न्यूज हो।

जुलाई में, मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म ने भारत में व्हाट्सएप पर एक संदेश को भेजे जाने की संख्या पर पांच की सीमा लागू की। इस वर्ष वैश्विक स्तर पर सीमा का विस्तार किया गया था। सितंबर में, इसने भारत में एक शिकायत अधिकारी नियुक्त किया, जो अन्य बातों के अलावा, नकली समाचारों के बारे में शिकायतों को देखता है। इसने गलत सूचना फैलाने के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए एक विज्ञापन अभियान भी चलाया।

यह प्लेटफ़ॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन है, जिसका अर्थ है कि संदेशों को किसी तीसरे पक्ष और यहां तक कि कंपनी द्वारा भी नहीं पढ़ा जा सकता है। व्हाट्सएप मालिक फेसबुक ने भी फर्जी खबरों पर अंकुश लगाने और अपने मंच पर राजनीतिक विज्ञापन को ट्रैक करने के लिए उपाय शुरू किए हैं। सोमवार को, सोशल मीडिया दिग्गज ने घोषणा की कि उसने भारत और पाकिस्तान से 1,000 से अधिक पेजों को हटा दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि ये पेज लोगों को गुमराह करने में लगे थे।

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