रविचंद्रन अश्विन हैं टेस्ट में सबसे तेज 300 विकेट लेने वाले गेंदबाज, बर्थडे पर जानिए उनका सफ़र

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क्रिकेट जगत के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शुमार रविचंद्रन अश्विन आज अपना 34वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम में उनकी भूमिका ऑफ स्पिनर के रूप में है। उन्होंने अपनी फिरकी गेंदबाजी से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों को खूब छकाया और पवेलियन की राह दिखाई है। भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन का जन्म 17 सितंबर, 1986 को तमिलनाडु के चेन्नई में एक तमिल परिवार में हुआ था।

इंजीनियरिंग में कॅरियर न बनाकर क्रिकेट को चुना

रविचंद्रन अश्विन पढ़ाई में काफी होशियार थे। उन्होंने इंफॉर्मेशन टेक्‍नॉलॉजी में बीटेक की डिग्री हासिल की। उसके बाद उन्होंने एमबीए किया। अश्विन ने कुछ समय के लिए कॉग्निजेंट कंपनी में भी काम किया, लेकिन पूरी तरह से क्रिकेट में डूब गए। अश्विन अपने खेल में लगातार बदलाव करते रहते हैं। उन्‍होंने ऑफ स्पिन के अलावा लेग स्पिन कराना भी सीखा है।

क्रिकेट कॅरियर में रविचंद्रन अश्विन के रिकॉर्ड

आर. अश्विन ने नवंबर, 2011 में अपने टेस्ट क्रिकेट कॅरियर की शुरूआत वेस्ट इंडीज के खिलाफ की। उन्होंने अपनी डेब्‍यू सीरीज में कुल 22 विकेट लिए और एक शतक भी लगाया। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किए हैं। अश्विन के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे कम टेस्टों में सबसे तेज 250 और 300 विकेट लेने का रिकॉर्ड हैं। उन्होंने 250 विकेट के लिए मात्र 45 टेस्ट मैच खेले, जबकि 300वां विकेट के लिए 54 मैच। उनसे पहले सबसे तेज 300 विकेट लेने का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज डेनिस लिली के नाम दर्ज था, जिन्‍होंने 56 टेस्‍ट खेलकर 300 विकेट चटकाए थे।

अश्विन भारत की ओर से सबसे कम मैचों में 50, 100, 150, 200 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में सबसे आगे हैं। अश्विन ने अपना 50वां टेस्ट विकेट 9वें टेस्ट मैच के दौरान लिया। 100वां टेस्ट विकेट 18वें टेस्ट में और 150वां टेस्ट विकेट 29वें टेस्ट मैच में, जबकि 37वें टेस्ट में उन्होंने विकेटों की डबल सेंचुरी पूरी की। आर. अश्विन सबसे पहले इण्डियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से सुर्खियों में आए। उसके बाद उन्होंने भारतीय टीम में ऑफ स्पिनर के रूप में जगह बनाई। वह स्पिन गेंदबाजी के तहत कैरम बॉल करने में माहिर है।

रविचंद्रन का क्रिकेट में रहा बेहतरीन प्रदर्शन

रविचंद्रन अश्विन ने भारत की ओर से खेलते हुए क्रिकेट के तीन फॉर्मेट्स में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जहां वह देश के पिचों पर खतरनाक गेंदबाज साबित हुए वहीं विदेशी पिचों पर ज्यादा सफल नहीं हुए। वर्ष 2014 में विदेशी दौरों पर अश्विन ऑस्‍ट्रेलिया, इंग्‍लैंड जैसे दौरों पर टीम को कामयाबी नहीं दिला पाए। लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप में उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। उन्‍होंने 27 टेस्‍ट में ही 12 बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा कर दिया था। वर्ष 2016-17 अश्विन के लिए शानदार रहा इस दौरान उन्होंने 14 घरेलू टेस्‍ट में 82 विकेट लिए। इस जबरदस्त प्रदर्शन के बूते पर उन्‍हें आईसीसी ने ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ और ‘टेस्‍ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ चुना।

आईपीएल में रविचंद्रन अश्विन को चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स ने खरीद लिया। वर्ष 2010 आईपीएल में उन्‍होंने बेहतरीन प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया और यहीं से उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे खुल गए। उनकी कैरम बॉल काफी चर्चा में रही और बल्‍लेबाजों को इसने काफी परेशान किया। वह वर्ष 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य भी रहे।

रविचंद्रन अश्विन का अब तक का क्रिकेट सफर

टेस्ट मैच- उन्होंने अब तक 71 मैच खेले हैं। इस दौरान उन्होंने 365 विकेट चटकाए। उनका 59 रन पर 7 विकेट बेस्‍ट प्रदर्शन रहा है। उन्होंने टेस्ट मैचों में बल्लेबाजी के दौरान 4 शतक और 11 अर्धशतक लगाए हैं जिनकी बदौलत उन्होंने 2389 रन बनाए।

वनडे मैच- अश्विन ने अब तक 111 वनडे मैच खेले हैं। उन्होंने 150 विकेट लिए और 25 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्‍ट प्रदर्शन। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में 1 अर्धशतक की मदद से 675 रन बनाए हैं।

टी-20- T-20 क्रिकेट में उन्होंने 46 मैचों में 52 विकेट लिए और 8 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्‍ट प्रदर्शन है। इस फॉर्मेट में उन्होंने 123 रन बनाये हैं। इसके अलावा अगर आईपीएल की बात करें तो रविचंद्रन अश्विन ने इस लीग में अब तक 140 मैच खेले हैं, जिनमें 127 विकेट चटकाए हैं। अश्विन का आईपीएल में 34 रन देकर चार विकेट सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हैं। लीग में उन्होंने बल्ले से 379 रन भी निकले हैं।

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