जानिए.. शहीदों के नाम 110 करोड़ की सहायता राशि देने की पेशकश करने वाला मुर्तजा अली कौन हैं?

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इस दौर में लोग भले ही आधुनिकता में जी रहे हैं लेकिन आज भी देश में दानवीरों की कमी नहीं हैं। देश में कर्ण जैसे दानवीर हुए हैं जिन्होंने अपना सब कुछ दान कर दिया था। कलयुग में भी ऐसे कई भामाशाह हुए हैं जो देश हित में अपना सब कुछ दान कर चुके हैं। राजस्थान की धरती वीरभूमि होने के साथ ही दानवीरों की भूमि भी कहलाती है। प्रदेश की मिट्टी में पैदा हुए कई बड़े दानवीरों की सूची में एक नाम और शामिल होने जा रहा है। यह दानवीर है राजस्थान के कोटा जिले का मुर्तजा अली। जी हां, मुर्तजा देश और प्रदेश के सबसे बड़े दानवीरों की सूची में जल्द ही शामिल होंगे। आइये.. हम आपको बताने जा रहे हैं यह शख़्स कौन है?

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पीएमओ में ई-मेल कर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा

हाल में हुए पुलवामा हमले के बाद शहीद परिवारों को आर्थिक रूप से मदद पहुंचाने के लिए देश के लोगों ने दरियादिली का परिचय दिया। देश के हर कोने से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी हैसियत के अनुरूप दिल खोलकर दान किया। इस नेक काम में आम आदमी से लेकर सेलिब्रिटी जुड़ता दिखाई दिया। अब इस कड़ी में मुर्तजा अली का नाम जुड़ने जा रहा है। कोटा निवासी और वर्तमान में मुंबई में बतौर साइंटिस्ट कार्य कर रहे मुर्तजा अली ने शहीदों परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में 110 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की पेशकश की है। इसके लिए उन्होंने पीएमओ में मेल करके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने का समय मांगा है। पीएम आॅफिस से मुर्तजा को जवाब मिला है कि अगले दो-तीन दिनों के भीतर प्रधानमंत्री से मिलने का समय तय कर लिया जाएगा। मुर्तजा ये राशि अपनी टैक्सेबल इनकम से देंगे।

पीएम से मिलकर उन्हें 110 करोड़ का चेक सौंपेंगे

मुर्तजा अली ने हालिया पुलवामा टेरर अटैक को काफी बड़ी घटना बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें देश ने अपने 40 वीर जवान खोए हैं। सेना और उनके परिवारजनों की किसी तरह से मैं मदद कर सकूं, इसलिए मैंने यह राशि राष्ट्रीय राहत कोष में देने का मानस बनाया है। इसके लिए 25 फरवरी को पीएमओ को ई-मेल भेजकर उन्होंने प्रधानमंत्री से मीटिंग के लिए समय मांगा था। इसके जवाब में फंड के उप सचिव अग्नि कुमार दास ने कागजी कार्यवाही के लिए मुर्तजा अली की प्रोफाइल मांगी थी। इसके बाद मुर्तजा अली ने प्रोफाइल, पैन कार्ड सहित राशि की पूरी डिटेल पीएमओ को भेज दी है। इसके बाद 1 मार्च को पीएमओ से जवाब आ गया।

मुर्तजा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर वे उन्हें 110 करोड़ रुपए का चेक सौंपेंगे। पीएमओ के निर्देश के अनुसार वे चेक या डीडी द्वारा बड़ी रकम डोनेट करेंगे। फिलहाल मुर्तजा पीएम से मीटिंग का समय फिक्स होने के ई-मेल का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री से सामाजिक कार्यों के लिए नई योजनाओं व कुछ नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी बातचीत करेंगे। मुर्तजा ने कहा कि मैंने फंड में 110 करोड़ रुपए देने के लिए अपनी ओर से पूरी कागजी कार्रवाई कर रखी है।

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मुर्तजा अली कौन हैं?

मुर्तजा अली का जन्म राजस्थान के कोटा में हुआ। वे जन्म से ही नेत्रहीन हैं। उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई कोटा के कॉमर्स कॉलेज से की है। मुर्तजा के परिवार का आॅटोमोबाइल बिजनेस था। नेत्रहीन होने के कारण उन्हें इस पुश्तैनी व्यवसाय में दिन-प्रतिदिन घाटा हो रहा था। इन परिस्थिति में उन्होंने आॅटोमोबाइल का काम छोड़ मोबाइल और डिश टीवी के क्षेत्र में काम शुरू किया। वर्ष 2010 में वे किसी काम से राजस्थान की राजधानी जयपुर आए। वे यहां के एक पेट्रोल पंप पर फ्यूल भरवा रहे थे। इस दौरान पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति के मोबाइल पर किसी परिचित का फोन आया। उस व्यक्ति ने फोन रिसीव ही किया था कि मोबाइल में आग लग गई। इसका कारण जानने के लिए मुर्तजा ने इस पर केस स्टडी शुरू कर दी। इस तरह उन्होंने फ्यूल बर्न रेडिऐशन टेक्नोलॉजी का आविष्कार कर डाला। मुर्तजा अली द्वारा विकसित इस टेक्नोलॉजी में जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के बगैर ही किसी भी वाहन को ट्रेस किए जाने की खासियत है।

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गौरतलब है कि मुर्तजा अली ने बर्न रेडिएशन टेक्नोलॉजी के जरिए जीपीएस, कैमरा या अन्य किसी उपकरण के बगैर ही किसी भी वाहन को ढूंढ निकालने की तकनीक का आविष्कार किया है। मुर्तजा फिलहाल मुंबई में एक बड़ी कंपनी के साथ बतौर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इस कंपनी के साथ हुए करार से उनको बड़ी रकम बतौर इनोवेटर मिली हैं।

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