पलक मुच्छल: सिंगिंग की दुनिया का वो चेहरा जो ‘ख़ास’ वजह से 1000 दिलों में धड़क रहा

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आज भारतीय संगीत जगत में पलक मुच्छल का नाम बड़े अदब़ और अहतराम से लिया जाता है। बहुत ही कम उम्र में पलक ने अपनी सुरीली आवाज़ के दम पर वो मुक़ाम हासिल कर लिया है जिसे हासिल करने में कई कलाकारों को पूरी जिंदग़ी लग जाती है। पलक मुच्छल ने अपनी मख़मली आवाज़ से बॉलीवुड म्यूज़िक को और आगे बढ़ाने का काम किया है। पलक जितने सुरीले अंदाज में गायन करती है उतनी ही वह दिल की भी कोमल है। पलक मुच्छल आज बड़े उत्साह के साथ अपना 27वां जन्मदिन मना रही है। इतनी छोटी सी उम्र में पलक ने सिंगिंग के साथ ही समाज सेवा के लिए जो काम किया है वो वाकई अतुलनीय है। आइए जानते हैं इस बड़े नेक दिल वाली सिंगर पलक के बारे में बहुत कुछ जो शायद आप पहले नहीं जानते होंगे..

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मात्र चार साल की उम्र में गायन शुरु किया

27 वर्ष की छोटी सी उम्र में पलक मुच्छल बॉलीवुड ही नहीं भारतीय संगीत की दुनिया का जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं। पलका का जन्म 30 मार्च, 1992 को मध्य प्रदेश राज्य के इंदौर में एक मिडिल क्लास महेश्वरी मारवाड़ी फैमिली में हुआ। पलक के पिता का नाम राजकुमार मुच्छल और माता का नाम अमिता मुच्छल है। इनके पिता एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करते थे और जबकि इनकी मां गृहणी हैं। पलक का पैतृक गांव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले का छोटी सादड़ी है। सिंगिंग में रुचि को देखते हुए इनके पिता ने पलक को संगीत की शिक्षा के लिए भेज दिया।
मात्र चार साल की उम्र में पलक ने गायन शुरु कर दिया था। पलक पूर्ण रूप से शाकाहारी है। वे भारतीय शास्त्रीय संगीत में ट्रेंड हैं।

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इंदौर कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक पास

पलक मुच्छल ने अपनी स्कूली शिक्षा श्री अग्रसेन विद्यालय स्नेह नगर, इंदौर से पूरी की। इसके बाद इन्होंने इंदौर के कॉलेज से कॉमर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। पलक अपने माता-पिता की दो संतानों में बड़ी है। इनका एक छोटा भाई है उसका नाम पलाश मुच्छल है। गौर करने वाली बात यह है कि पलाश मुच्छल भी पलक की तरह ही बॉलीवुड सिंगर है। दोनों भाई-बहिन कई देशों में एक साथ स्टेज पर परफॉर्म कर चुके हैं। पलक हमेशा से ही अपने छोटे भाई पलाश को सपोर्ट करती आई है। पलाश म्यूजिक के साथ ही वीडियो भी डायरेक्ट कर चुके हैं। पिछले साल आगरा में ताज महोत्सव के दौरान पलक के भाई पलाश पर आयोजक और ग़ज़ल सिंगर के साथ मारपीट के आरोप में एक केस दर्ज हुआ था।

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करीब 1000 हार्ट पेशेंट्स बच्चों का इलाज करवा चुकी हैं पलक

चार साल की उम्र से गायन शुरु करने वाली पलक शुरु से ही सोशल कॉज का हिस्सा बनती रही हैं। पलक वर्षों से हार्ट पेशेंट्स बच्चों का इलाज कराने में आर्थिक रुप से मदद करती है। जिसकी प्रशंसा बॉलीवुड के साथ ही पूरा देश करता है। दिल की बीमारी से पीड़ित बच्चों के ऑपरेशन के लिए चैरिटी फंड जुटाने वाली पलक मुच्छल को इस मुहिम को चलाने में सलमान खान का सपोर्ट मिलता है। गरीब परिवारों के बच्चों को दिल की बीमारियों से निजात दिलाना ही सिंगर पलक के जीवन का मिशन है।

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वह अब तक चैरिटी शो के माध्यम से जुटाए गए धन से करीब एक हजार गरीब बच्चों के दिल की सर्जरी करवा चुकी है। इस मुहिम में उनके साथ छोटे भाई पलाश भी साथ खड़े हैं। दोनों मिलकर देश-विदेशों में कई प्रस्तुतियां देकर हर्ट पेशेंट बच्चों की मदद के लिए रकम इकट्ठा करते हैं। समाजसेवा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पलक का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो गया है। भारत सरकार और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी पलक मुच्छल को कई पुरस्कारों से नवाज़ चुके हैं।

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बॉलीवुड के इन गानों ने पलक को दिलाई प्रसिद्धि

इंडियन क्लासिकल म्यूजिक़ की शिक्षा लेने वाली पलक मुच्छल 17 भाषाओं में पूर्ण रूप से पारंगत मानी जाती हैं। हिन्दी के अलावा वे तमिल, तेलुगू, कन्नड़, बंगाली आदि भाषाओं में गायन कर चुकी हैं। 2011 में पलक ने बॉलीवुड के हिंदी गानों से अपने कॅरियर की शुरुआत की। इन्होंने पहला गाना फिल्म दमादम के लिए गाया। इसके बाद इन्होंने कई फिल्मों में गाने गाए। लेकिन प्रसिद्धि फिल्म ‘एक था टाइगर’, ‘आशिकी–2’ और ‘एमएस धोनी’ बायोपिक में गाए गानों से मिलीं। पलक के गाए पॉपुलर गानों में ‘लापता, मेरी आशिक़ी, चाहूं मैं या ना, जुम्मे की रात, सनम, तेरी क़सम, कौन तुझे यूं प्यार करेगा, एक दो तीन’ रीमेक आदि शामिल हैं।

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