गहलोत सरकार ने जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर व तीन पार्षदों को किया निलंबित

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राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर सहित भाजपा के तीन पार्षदों को निलंबित कर दिया है। दरअसल, स्वायत्त शासन विभाग ने महापौर सौम्या गुर्जर और पार्षद अजय सिंह चौहान, पारस जैन (तीनों भाजपा) और शंकर शर्मा (निर्दलीय) को आयुक्त नगर निगम, जयपुर ग्रेटर से महापौर के कक्ष में अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और धक्का देने के आरोप में निलंबित कर दिया। गहलोत सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने हाईकोर्ट में जाने का निर्णय लिया है। पार्टी जयपुर ग्रेटर मेयर सौम्या व पार्षदों को निलंबित किए जाने को लेकर राजनीतिक आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रही है। महापौर सहित चार पार्षदों का निलंबन रविवार देर रात स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक द्वारा जारी एक आदेश पर किया गया है।

मुख्य कार्यकारी आयुक्त देव ने पुलिस में दर्ज कराया था मामला

बता दें, जयपुर शहर में सफाई का काम देखने वाली एक कंपनी के भुगतान को लेकर दो दिन पहले मुख्य कार्यकारी आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव और जयपुर ग्रेटर महापौर सौम्या गुर्जर के बीच विवाद हुआ था। उस समय कुछ भाजपा पार्षद भी मौजूद थे। इस पर मुख्य कार्यकारी आयुक्त देव ने महापौर व तीन पार्षदों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया कि उनके साथ मारपीट की गई है। उन्होंने इस मामले में सरकार में भी शिकायत की। राज्य सरकार ने स्थानीय निकाय विभाग के एक अधिकारी से इस मामले की जांच करवाने के बाद चारों पार्षदों को निलंबित करने का निर्णय लिया।

अब मामले की न्यायिक जांच कराएगी राजस्थान सरकार

राजस्थान सरकार ने महापौर सौम्या गुर्जर के खिलाफ राजस्थान नगर पालिका अधिनियम, 2008 की धारा 39 के तहत इस मामले की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है। न्यायिक जांच पूरी होने तक ये पार्षद सभी निलंबित रहेंगे। आदेश में कहा गया कि महापौर के पद पर रहने से जांच प्रभावित हो सकती है। महापौर गुर्जर को पार्षद पद से भी निलंबित किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि किसी महापौर को निलंबित करने का राज्य में यह पहला मामला है।

महापौर का निलंबन कांग्रेस के पतन का कारण बनेगा: पूनिया

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने गहलोत सरकार की कार्रवाई को विनाश काले विपरित बुद्धि बताते हुए कहा कि देश में जून के माह में ही आपातकाल लगा था, तब कांग्रेस के पतन की शुरूआत हुई थी अब महापौर का निलंबन राजस्थान में कांग्रेस के पतन का कारण बनेगा। उन्होंने कहा कि यह अलोकतांत्रिक कार्रवाई है। कांग्रेस यहां हार से परेशान थी, इस कारण महापौर व तीन पार्षदों को निलंबित किया गया है।

वहीं निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर ने कहा, ‘सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं।’ मालूम हो इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट में जाने के लिए पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने कमान संभाली है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को सभी जिलों में इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। कोरोना के खात्मे के बाद राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा।

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