स्पेशल: बुला चौधरी ने जिब्राल्टर जलडमरूमध्य विश्व रिकॉर्ड समय में तैर कर किया था पार

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Bula-Choudhury-Biography

सुप्रसिद्ध भारतीय महिला तैराक बुला चौधरी 2 जनवरी को अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं। बुला दुनिया की ऐसी तैराक है​, जिन्होंने पांचों महाद्वीपों के सातों समुद्रों को तैरकर पार किया। उन्हें ‘समुद्र सम्राज्ञी’ के रूप में भी जाना जाता है। बुला को वर्ष 1990 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2003 में उन्हें ‘ध्यानचंद लाइफटाइम एचीवमेंट’ अवॉर्ड से भी नवाजा गया। बुला चौधरी राजनीति में भी हाथ आजमा चुकी है और वह वर्ष 2006 से 2011 तक विधायक ​रह चुकी हैं। ऐसे में इस ख़ास मौके पर जानते हैं उनके जीवन के बारे में दिलचस्प बातें..

9 साल की उम्र में जीती राष्ट्रीय प्रतियोगिता

बुला चौधरी चक्रवर्ती का जन्म 2 जनवरी, 1970 को पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में हुआ था। वह एक प्रसिद्ध भारतीय तैराक रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर तैराकी प्रतियोगिता तो जीती, साथ ही लम्बी दूरी की तैराकी में भी कई कीर्तिमान बनाए। जब वह मात्र 9 साल की थी तब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उन्होंने इस प्रतियोगिता में अपनी आयु वर्ग की सभी स्पर्धाओं में जीत दर्ज कर छह स्वर्ण पदक जीते। बुला चौधरी ने अपने कोच संजीव चक्रवर्ती से शादी की है।

दो बार इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया

बुला चौधरी ने पहली बार वर्ष 1989 में इंग्लिश चैनल तैरकर पार किया, फिर बाद में एक बार फिर से वर्ष 1999 में इंग्लिश चैनल को पार किया। वह ऐसा करने वाली पहली एशियाई महिला तैराक बन गई। 20 जुलाई, 2002 को यूनान में टॉरोनियस की खाड़ी को तैरकर पार करने में बुला ने सफलता प्राप्त की। कैसान्द्रा से निकिती बीच की 26 किमी की दूरी को बुला चौधरी ने 8 घण्टे 11 मिनट में पूरा किया। चौधरी ने वर्ष 1999 में इंग्लिश चैनल त​था 2000 में जिब्राल्टर की खाड़ी को पार किया।

बुला चौधरी ने 25 मार्च, 2003 को न्यूजीलैण्ड के साउथ आइलैंड के समुद्र में कुक स्ट्रेट को तैरकर पार करने में सफलता प्राप्त की। ओहायो से पेरानो पाइंट के बीच जलडमरूमध्य की 24 किमी की दूरी को 9 घण्टे 4 मिनट के समय में बुला ने पूरी किया। बेहद ठण्डे पानी एवं विषम परिस्थितियों वाले इस जलडमरूमध्य की पार करना बुला के जीवन की एक बड़ी चुनौती थी।

सातों समुद्रों को तैरकर पार करने का सपना पूरा किया

अगस्त, 2004 में बुला चौधरी का सातों समुद्रों को तैरकर पार करने का सपना पूर्ण हुआ। 20 अगस्त, 2004 को श्रीलंका के तलाई मन्नार से भारत के धनुष्कोटि के बीच पाकस्ट्रेट को तैरकर पार करके बुला सात समुद्र तैरकर पार करने वाली विश्व की पहली महिला बन गई। तलाई मन्नार व तमिलनाडु में धुनष्कोटि के बीच 17 नॉटिकल मील (40 किमी) की दूरी तय करने में करीब 14 घण्टे का समय लिया। इस दौरान उन्होंने तेज हवाओं और बारिश का सामना किया। बुला का यह सातवां समुद्र था जिसे तैरकर उन्होंने पार किया।

बुला चौधरी 29 अप्रैल, 2005 को दक्षिण अफ्रीका के थ्री एंकर बे से रोब्बन द्वीप तक तैरकर पांचों महाद्वीपों को तैरकर पार करने वाली विश्व की पहली महिला तैराक बन गई। बुला ने अंटार्कटिक महासागर में 30 किमी की इस दूरी को तीन घण्टे 26 मिनट में तय कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया। यह दूरी किसी भी एशियाई तैराक द्वारा सबसे कम समय में तय की गई है।

बुला को मिले अवॉर्ड एवं सम्मान व उनके नाम दर्ज रिकॉर्ड

भारतीय तैराक बुला चौधरी को वर्ष 1990 में ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘जलपरी’ की उपाधि भी दी गई है। उन्हें वर्ष 2002 में तेन्जिंग नोर्गे एडवेंचर अवॉर्ड मिला। वर्ष 2003 में बुला को ‘ध्यानचंद लाइफटाइम एचीवमेंट’ अवॉर्ड से नवाजा गया। बुला ने सातों समुद्र और पांचों महाद्वीप के जलडमरूमध्य पार कर रिकार्ड बनाया है। उन्होंने जिब्राल्टर जलडमरूमध्य विश्व रिकॉर्ड समय में तैर कर पार किया। उनका समय 3 घंटे 35 मिनट था।

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