जन्मदिन विशेष: माइकल जैक्सन से न्यौता पाने वाले इकलौते भारतीय संगीतकार हैं बप्पी लाहिड़ी

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Bappi-Lahiri

भारतीय सिंगर, म्यूजिक कपोजर, डांसर, डिस्को म्यूजिशियन, एक्टर और रिकॉर्ड प्रोड्यूसर बप्पी लाहिड़ी 27 नवंबर को अपना 67वां जन्म सेलि​ब्रेट कर रहे हैं। उनका जन्म 27 नवंबर, 1952 को पश्चिम बंगाल राज्य के जलपाईगुड़ी में हुआ। उनके पिता अपरेश लाहिड़ी और मां बांसुरी लाहिड़ी बंगाली के प्रसिद्ध म्यूजिशियन हुआ करते थे। बचपन से ही बप्पी बड़ा स्टार बनने का सपना देखा करते थे। वे अपने माता-पिता की अकेली संतान हैं।

उनका असल नाम अलोकेश लाहिड़ी हैं। बप्पी दा गोल्ड को अपने लिए लकी मानते हैं और हमेशा रॉक स्टार लुक में नज़र आते हैं। उनके बोलने का अंदाज और फैशन स्टाइल सबसे अलग है। 80 के दशक में भारतीय संगीत जगत में धूम मचा देने वाले बप्पी को ‘डिस्को ​किंग ऑफ़ इंडिया‘ भी कहा जाता है। ऐसे में बप्पी लाहिड़ी के जन्मदिन के मौके पर जानते हैं उनके बारे में कई दिलचस्प बातें..

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3 साल की उम्र में तबला सीखने लगे थे बप्पी दा

बप्पी लाहिड़ी ने मात्र तीन साल उम्र में तबला सीखना शुरु कर दिया था। उन्होंने अपने माता-पिता से ही संगीत की शिक्षा ली। बप्पी दा करीब पांच दशक के फिल्मी कॅरिअर में लगभग 500 से अधिक फिल्मों के लिए गाने कम्पोज कर चुके हैं। उन्होंने अपने फिल्मी कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1972 में बांग्ला फिल्म ‘दादू’ से की।

19 साल की उम्र में वे मुंबई पहुंच गए और साल 1973 में बप्पी दा ने हिंदी फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ से बॉलीवुड में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। लेकिन उन्हें पहचान वर्ष 1975 में रिलीज हुई फिल्म ‘जख़्मी’ से मिलीं। इसके बाद साल 1976 में फिल्म ‘चलते-चलते’ ने उनके कॅरियर में अहम भूमिका निभाई। यह फिल्म फ्लॉप रही थी, लेकिन इसके गानों को खूब पसंद किया गया।

80 के दशक में लोगों को अपनी धुनों पर थिरकाया

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में रॉक और डिस्को का चलन लाने का श्रेय बप्पी लाहिड़ी को दिया जाता है। इसके जरिए उन्होंने 80 के दशक में पूरे देश को अपने गानों पर थिरकने पर मजबूर कर दिया था। बप्पी दा के कॅरियर ने साल 1982 में रिलीज हुई मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘डिस्को डांसर’ से रफ्तार पकड़ी। इस फिल्म के गानों ने धमाल मचा दिया था। 1980-90 के दशक में उन्होंने फिल्म ‘वारदात’, ‘डिस्को डांसर’, ‘नमक हलाल’, ‘कमांडो’, ‘शराबी’, ‘हिम्मतवाला’, ‘रंगबाज’, ‘साहेब’, ‘गुरू’, ‘घायल’, ‘सैलाब’ और ‘गैंग लीडर’ जैसी फिल्मों में संगीत दिया, जिसे खूब पंसद किया गया। साथ ही उनके गाए गानों को भी लोगों का बेशुमार प्यार मिला। लंबे समय के गैप के बाद बप्पी लाहिड़ी ने साल 2011 में रिलीज हुई फिल्म ‘डर्टी पिक्चर’ में ‘ऊ ला ला ऊ ला ला’ गाना गाया था, जोकि सुपरहिट सबित हुआ।

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बप्पी दा को पसंद करते थे पॉप स्टार माइकल जैक्सन

अमरीकी सुपरस्टार पॉप सिंगर माइकल जैक्सन बप्पी लाहिड़ी को बहुत पसंद करते थे। माइकल जैक्सन ने उन्हें न्यौता भेजा था। बप्पी दा उनसे न्यौता पाने वाले एकमात्र इंडियन सिंगर हैं। बप्पी इकलौते ऐसे संगीतकार भी हैं, जिन्हें माइकल जैक्सन ने मुंबई में आयोजित अपने पहले शो में आमंत्रित किया था। बता दें, यह लाइव शो वर्ष 1996 में आयोजित हुआ था। कहा जाता है कि माइकल को बप्पी दा के दो गाने ‘डिस्को डांसर’ और ‘जिम्मी जिम्मी’ बहुत पसंद थे। ये दोनों गाने दुनिया के अधिकांश देशों में भी आज तक बजाये जाते हैं। रूस, जॉर्जिया, पोलैंड जैसे देशों में आज भी लोग इन्हें सुनते हैं।

बप्पी लाहिड़ी गोल्ड को अपना भगवान मानते हैं। वे गोल्ड को अपने लिए लकी भी मानते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में इस बारे में बताया कि वे इतना सोना क्यों पहनते हैं? बप्पी दा का कहना था कि वे बचपन में हॉलीवुड पॉप सिंगर एलविस प्रेस्ली से बहुत प्रभावित हुआ करते थे। प्रेस्ली सोने की कई चैन पहना करते थे।

उनको देखकर ही बप्पी दा ने यह सोच लिया था कि अगर मैं जीवन में सफ़ल होता हूं तो अपनी एक अलग इमेज बनाऊंगा। जब से उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री में कामयाबी मिलीं, उन्होंने अपने गोल्ड को अपनी फैशन स्टाइल बना लिया है। इसके अलावा बप्पी दा अक्सर आंखों पर रंगीन चश्मे पहने भी नज़र आते हैं।

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बप्पी दा का पर्सनल और राजनीतिक सफ़र

बप्पी लाहिड़ी ने वर्ष 1977 में चित्रानी से शादी की। इन दोनों के एक बेटा बप्पा लाहिड़ी और एक बेटी रेमा लाहिड़ी है। रेमा भी अपने पिता की तरह सिंगिंग करती है। बप्पी लाहिड़ी की परिवार अक्सर मीडिया की सुर्खियों से दूर रहता है। बप्पी दा के पॉलिटिकल कॅरियर की बात करें तो उन्होंने साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी यानि बीजेपी ज्वाइन की। इसी वर्ष हुए आम चुनाव में बीजेपी ने उन्हें पश्चिम बंगाल की श्रीरामपुर लोकसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया, लेकिन बप्पी लाहिड़ी को हार का सामना करना पड़ा।

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बप्पी दा को बीजिंग में ‘चाइना अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था। किशोर कुमार उनके दूर के रिश्ते में मामा हुआ करते थे। बप्पी दा एक दिन में सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले संगीतकार का रिकॉर्ड भी बना चुके हैं। वे हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़, ​तमिल, तेलुगु, बांग्ला और पंजाबी समेत कई भाषाओं में संगीत दे चुके हैं।

 

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