सशस्त्र सेना झंडा दिवस: भारत को जवानों की वीरता, सेवा और निस्वार्थ बलिदान पर गर्व- पीएम मोदी

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देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सशस्त्र सेनाओं के जवानों, शहीदों और उनके परिवारों के सम्मान में आज 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत देश के कई बड़े नेताओं ने भारतीय सशस्त्र सेनाओं के जवानों की वीरता को सलाम किया और सेना को बधाई दी। इसके साथ ही देशवासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में योगदान देने का आह्वान भी किया।

जवानों और उनके परिवारों के प्रति आभार का दिन

पीएम मोदी ने सशस्त्र सेना के जवानों की वीरता को सलाम करते हुए ट्वीट किया, ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे सशस्त्र बलों और उनके परिवारों के प्रति आभार व्यक्त करने का दिन है। भारत को उनकी वीरता, सेवा और निस्वार्थ बलिदान पर गर्व है। हमारी सेनाओं के कल्याण में योगदान दें। यह कार्य हमारे कई बहादुर कर्मियों और उनके परिवारों की मदद करेगा।’

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी ट्विटर पोस्ट में लिखा, ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, मैं भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और सेवा को सलाम करता हूं। यह दिन हमें पूर्व सैनिकों, युद्ध में घायल हुए सैनिकों और उन लोगों के परिवारों का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए हमारे महान कर्तव्य की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी।’

वर्ष 1949 में हुई थी झंडा दिवस की शुरुआत

आपको बता दें कि देश में हर वर्ष 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसकी शुरूआत वर्ष 1949 में हुई थी। इस दिन भारतीय सशस्त्र सेनाओं के वो जवान जो मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हुए हैं, उनके बलिदान का स्मरण करते हुए शहीद जवानों के परिवारों के कल्याण के लिए धनराशि एकत्र की जाती है। यह एक ऐसा दिन है जब भारत के सर्वोच्‍च पद पर बैठे हुए व्‍यक्ति से लेकर आम आदमी तक देश के जवानों के लिए आर्थिक सहयोग करता है। शुरूआत में इसे झंडा दिवस के रूप में मनाया जाता था, लेकिन वर्ष 1993 से इसे सशस्त्र सेना झंडा दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

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