जयंती: ट्रैजेडी क्वीन के रूप में जानी जाती थी मीना कुमारी, शराब की लत से हुई थी मौत

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गुजरे जमाने की बॉलीवुड एक्ट्रेस और ‘ट्रैजेडी क्वीन’ के नाम से मशहूर मीना कुमारी की आज 1 अगस्त को 87वीं जयंती है। मीना को विशेष रूप से ट्रैजेडी फ़िल्मों में उनके दमदार अभिनय के लिए याद किया जाता है। मीना कुमारी एक्ट्रेस के साथ ही एक उम्दा शायरा और पार्श्वगायिका भी थी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में वर्ष 1939 से 1972 तक अपने अभिनय से दर्शकों को दीवाना बनाया। उनका मात्र 39 साल की उम्र में निधन हो गया था।

चार साल की उम्र में निभाया बाल कलाकार के रोल

मीना कुमारी का जन्म 1 अगस्त, 1933 को बंबई में हुआ। उनका वास्तविक नाम महजबीं बानो था। उनके पिता अली बक्श पारसी रंगमंच के अनुभवी कलाकार थे और उन्होंने फिल्म ‘शाही लुटेरे’ में संगीत दिया था। उनकी माता प्रभावती देवी, जो बाद में इकबाल बानो के नाम से जानी गई। वह एक मशहूर नृत्यांगना और अदाकारा थी। उनके तीन बेटियां हुईं जिनमें खुर्शीद, महजबी और सबसे छोटी (माधुरी) थी।

अली बख्श के दूसरी बेटी के रूप में मीना कुमारी का जन्म हुआ तो उनके पास डॉक्टर की फीस देने के लिए पैसे न थे। दोनों ने उस बच्ची को अनाथालय को देने का निश्चय कर लिया, लेकिन पिता का मन नहीं माना तो वह बच्ची को वापस घर ले आए। परिवार की आर्थिक तंगी के कारण मीना कुमारी को महज चार साल की उम्र में फिल्मकार विजय भट्ट ने बाल कलाकार के रूप में रोल दिया, लेकिन वह इससे खुश नहीं थी। मीना अपने पिता के स्वार्थीपन से नफरत करने लग गई।

मीना की नानी थी रवीन्द्रनाथ के भाई की बेटी

रवीन्द्रनाथ टैगोर के छोटे भाई की बेटी, अभिनेत्री मीना कुमारी की रिश्ते में नानी लगती थी। उनकी नानी ने प्यारेलाल नामक युवक के साथ प्रेम विवाह किया था, लेकिन विधवा हो जाने पर उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया। इसके बाद वह अपने दो बेटे और एक बेटी को लेकर बम्बई आ गई थीं। उनकी बेटी प्रभावती के साथ वह एक पारसी थिएटर में अभिनय की बारीकियां सीखने लग गईं। प्रभावती ने अली बख्श से शादी कर ली।

मीना कुमारी का बॉलीवुड का सफर

मीना कुमारी ने बॉलीवुड में एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा। वर्ष 1952 में रिलीज हुई फिल्म ‘बैजू बावरा’ से उन्हें हिंदी सिनेमा में खासी पहचान मिली। इस फिल्म की सफलता के बाद वो लगातार आगे बढ़ती गई। वर्ष 1951 में फिल्म ‘तमाशा’ की शू​टिंग के दौरान मीना कुमारी की मुलाकात डायरेक्टर कमाल अमरोही से हुई, जो उनके प्रति हमदर्दी जताने लगे। यहीं से दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ा और दोनों ने निकाह कर लिया। लेकिन मीना को कमाल की दूसरी बीवी का दर्जा प्राप्त हुआ।

मीना कुमारी की लोकप्रियता की वजह से कमाल ने उन पर शक करना शुरू कर दिया और कई पाबंदियां लगा दी। धीरे-धीरे उनमें अनबन होने लगी और वर्ष 1964 में दोनों का तलाक हो गया। अपने पति से अलग होने के बाद मीना की नजदीकियां धर्मेंद्र से बढ़ने लगी। कहा जाता है कि धर्मेंद्र को इंडस्ट्री में खड़ा करने का श्रेय मीना को ही जाता है। दोनों का रिश्ता तीन साल तक चला इसके बाद दोनों ने अपने रास्ते अलग कर लिए।

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धर्मेंद्र से ब्रेकअप के बाद मीना कुमारी खुद को अकेला महसूस करने लगी, इस अकेलेपन को दूर करने के लिए उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया था। वह शराब की लत के कारण दिन-रात नशे में डूबी रहती थी। ऐसा कहा जाता है कि उन्हें रात को नींद नहीं आती थी। ज्यादा शराब पीने के कारण उन्हें लिवर सिरोसिस बीमारी हो गई और वह बीमार रहने लगी थी। अपनी ज़िंदगी में मिले धोखे के कारण उन्हें तनाव, नशा और फिर बीमारियों ने घेर लिया, जिसकी वजह से मीना कुमारी ने महज 39 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनका निधन 31 मार्च, 1972 को हो गया था।

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