जॉनी वॉकर बस में यात्रियों को हंसाने के लिए करते थे कॉमेडी, ऐसे बने बॉलीवुड के कॉमेडियन एक्टर

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बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन के रूप में प्रसिद्ध एक्टर जॉनी वॉकर की 11 नवंबर को 93वीं बर्थडे एनिवर्सरी हैं। वॉकर ने अपने कॅरियर की शुरूआत एक बस कंडक्टर की नौकरी के साथ की थी। वह हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार कॉमेडी एक्टिंग के जरिए महान कॉमेडियन के रूप में विख्यात हुए। उन्होंने ने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब गुदगुदाया। उन्होंने लगभग 300 हिंदी फिल्मों में अभिनय किया और अपने समय की पीढ़ी के दर्शकों का एक्टिंग, डायलॉग डिलीवरी और शानदार कॉमिक टाइमिंग से एंटरटेनमेंट किया।

जीवन परिचय

जॉनी वॉकर का जन्म 11 नवंबर, 1926 में मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उनके पिता बदरुद्दीन जमालुद्दीन थे, जो एक मिल में मजदूर का कार्य करते थे। जॉनी वॉकर का मूल नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन काज़ी था। वह परिवार के दस बच्चों में दूसरे थे। बाद में वह महाराष्ट्र चले गए। यहां काज़ी ने कई नौकरियों में अपना हाथ आज़माया, और अंततः बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बी.ई.एस.टी.) बस सेवा में बस कंडक्टर के पद पर नौकरी कर ली।

कई वर्षों तक जॉनी ने बॉम्बे इलेक्ट्रिक सप्लाय और ट्रांसपोर्ट बस सर्विस में कंडक्टर के पद पर कार्य किया था। इस दौरान वह अपने यात्रियों का मनोरंजन किया करते थे। उनकी इस हास्य कला पर पहली बार नजर बलराज साहनी की पड़ी। फिर क्या था जॉनी का जीवन ही बदल गया। इस समय बलराज साहनी गुरु दत्त की फिल्म ‘बाजी’ लिख रहे थे और उन्होंने जॉनी का परिचय गुरु दत्त से करवाया। दत्त को जॉनी भी काफी सही लगे। यही से जॉनी ने अपने अभिनय से करोड़ों दर्शकों के बीच कॉमेडियन एक्टर के रूप में चर्चित हो गए।

कॅरियर

जॉनी वॉकर ने अपने फिल्मी कॅरियर में कई सफल फिल्मों में एक्टिंग की, जिनमें प्रमुख हैं- आर पार, टैक्सी ड्राइवर, देवदास, मिलाप, सीआइडी, नया दौर, कागज के फूल, दो रास्ते और आनंद आदि। वर्ष 1997 में आई कमल हासन की फिल्म चाची 420 में भी वॉकर नजर आए थे।

जॉनी वॉकर को अपने फिल्मी कॅरियर में फिल्म ‘मधुमती’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर के फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। इसके अलावा उन्हें ‘शिखर’ फिल्म के लिए बेस्ट कॉमेडियन के अवॉर्ड से नवाजा गया।

निधन

बॉलीवुड के इस कॉमेडियन एक्टर की 29 जुलाई, 2003 के दिन मुंबई में निधन हो गया।

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