ताजा-खबरें

यह देश सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वालों को सजा के तौर पर देता है अच्छे व्यवहार की शिक्षा

कहते हैं विज्ञान मानव के लिए वरदान है, यह सच है किंतु इस वरदान का यदि दुरूपयोग होने लगे तो यही अभिशाप से कम नहीं। हां, सोशल मीडिया भी विज्ञान का ही एक चमत्कार है, जिससे आज लगभग हर कोई परिचित है। सोशल मीडिया जहां अच्छा है वहीं कुछ लोग इसका उपयोग गलत रूप में उठा रहे हैं। कई तो फेक इमेजों और वीडियो के माध्यम से एक—दूसरे में नफरत भर रहे हैं। ऐसे में इस पर शिंकजा कसना अनिवार्य हो गया है। इस क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम ऑस्ट्रिया ने उठाया है।

ऑस्ट्रिया दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जिसने अपने यहां पर सोशल मीडिया पर नफरत भरे पोस्ट करने पर पढ़ाई करने की सजा दे रहा है। अगर कोई व्यक्ति इस तरह की हरकत करते हुए मिलता है तो उसे सजा के तौर पर सोशल मीडिया पर सही व्यवहार सिखाने वाला 6 महीने का कोर्स करना अनिवार्य होता है। सरकार इसे पूरे देश में लागू करने जा रही है।

दुनिया भर में बढ़ते सोशल मीडिया पर नफरत भर संदेश देने वालों पर इस यूरोपीय देश ने सोशल मीडिया पर नफरत भरे भाषण या वीडियो शेयर किया तो यूजर को एनजीओ ‘न्यूस्टार्ट’ द्वारा शुरू किया गया 6 महीने का कोर्स करना पड़ता है जिसमें सोशल मीडिया पर उचित व्यवहार करने की शिक्षा प्रदान की जाती है।

‘डॉयलाग इंस्टीड ऑफ हेट’ कार्यक्रम के ​जरिये लगाम लगाने की कोशिश

ऑस्ट्रिया में सोशल मीडिया व ऑनलाइन नफरत फैलाने वाले मामलों को कोर्ट में लंबा खींचने के कारण सरकार एक एनजीओ के साथ मिलकर ‘डॉयलाग इंस्टीड ऑफ हेट’ प्रोग्राम के जरिये इनको हल करने की कोशिश कर रही है। इसके तहत साल 2018 में कुल 73 लोगों को शिक्षित किया जा चुका है।

ऑस्ट्रिया की सरकार पहले से ही झूठे नाम से पोस्ट करने वालों को रोकने के लिए इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन के नियम सख्त बनाने पर काम कर रही है। अब इस कानून के पूरे देश में लागू होते ही सोशल मीडिया कंटेट को ज्यादा मॉनिटर किया जा सकेगा।

ऑस्ट्रिया की सरकार द्वारा लागू किया गया यह नियम ऐसा नहीं है कि यह केवल सामान्य नागरिकों के लिए हो बल्कि वर्ष 2019 में ही देश की फार राइट फ्रीडम पार्टी के एक नेता को नफरत फैलाने पर यह कोर्स करना पड़ा। उन्होंने देश में आने वाले शरणार्थियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थी।

इस कोर्स में दोषी साबित यूजर को सोशल मीडिया लिटरेसी, सूचनाएं शेयर करना, मानवधिकार, न्यूजफीड फीचर में काम करना और ऑनलाइन अच्छा व्यवहार करना सिखाया जाता है। इस कोर्स 15 भागों में तैयार किया गया है। एक अधिकारी के अनुसार इस कोर्स में मुख्यत: यह सिखाया जाता है कि वे किसी को अपमानित किए बिना भी दृष्टिकोण रख सकते हैं।

Rakesh Singh

Leave a Comment

Recent Posts

रोहित शर्मा ने कप्‍तान हार्दिक पांड्या को बाउंड्री पर दौड़ाया।

रोहित शर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फील्डिंग की सजावट की और कप्‍तान हार्दिक पांड्या…

2 years ago

राजनाथ सिंह ने अग्निवीर स्कीम को लेकर दिया संकेत, सरकार लेगी बड़ा फैसला

अग्निवीर स्कीम को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने…

2 years ago

सुप्रीम कोर्ट का CAA पर रोक लगाने से इनकार, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) रोक लगाने से इनकार कर दिया…

2 years ago

प्रशांत किशोर ने कि लोकसभा चुनाव पर बड़ी भविष्यवाणी

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। प्रशांत…

2 years ago

सुधा मूर्ति राज्यसभा के लिए नामित, PM मोदी बोले – आपका स्वागत है….

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंफोसिस के चेयरमैन नारायण मूर्ति…

2 years ago

कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने थामा भाजपा दामन, संदेशखाली पर बोले – महिलाओं के साथ बुरा हुआ है…

कोलकाता हाई के पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय भाजपा में शामिल हो गए है। उन्होंने हाल…

2 years ago