कारोबार

नहीं कर पाएंगी ई-कॉमर्स कंपनियां कीमतों को प्रभावित, नए नियम फरवरी 2019 से होंगे लागू

सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। अब फ्लिपकार्ट और एमेजॉन जैसे ऑनलाइन ई-कॉमर्स कंपनियां उन कंपनियों के प्रोडक्ट नहीं बेच पाएंगी, जिनमें इनकी हिस्सेदारी है। इसके साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों के एक्सक्लूसिव मार्केटिंग अरेंजमेंट पर भी रोक लगा दी गई है। कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने ऑनलाइन रिटेल में एफडीआई पर रिवाइज्ड पॉलिसी में कहा कि इन कंपनियों को अपने सभी वेंडर को बिना भेदभाव किए समान सेवाएं और सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी।

मंत्रालय ने कहा कि रिवाइज्ड पॉलिसी का लक्ष्य घरेलू कंपनियों के हितों को उन ई-कंपनियों से बचाना है जिनके पास एफडीआई के जरिए बड़ी पूंजी उपलब्ध है। ये रिवाइज्ड पॉलिसी एक फरवरी 2019 से लागू होगी।

नए नियमों के मुताबिक ई कॉमर्स कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना पड़ेगा। कोई भी ई कॉमर्स कंपनी किसी एक सप्लायर को खास सुविधा नहीं दे सकती। इसी के साथ किसी एक खास ई कॉमर्स कंपनी के पॉर्टल पर ब्रांड के लॉन्च, कैशबैक या एक्सलूसिव सेल जैसी डील्स देने में भी परेशानी हो सकती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कीमतों को प्रभावित करने पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। इससे ई-कॉमर्स कंपनियों में एफडीआई गाइडलाइंस को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।’

सामान बेचने की लिमिट तय

पॉलिसी के अनुसार, कोई भी वेंडर ज्यादा से ज्यादा 25 फीसदी प्रोडक्ट्स को ही किसी एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए बेच सकेंगे. मंत्रालय ने कहा, ‘अगर किसी वेंडर के 25 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों को कोई एक ई-कॉमर्स कंपनी खरीदती है तो उस पर ई-कॉमर्स कंपनी का नियंत्रण माना जाएगा.’

उसने कहा, ‘ऐसी कोई भी इकाई जिनके ऊपर ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी का नियंत्रण हो या उनके भंडार में ई-कॉमर्स कंपनी या उसके समूह की किसी कंपनी की हिस्सेदारी हो तो वह इकाई संबंधित ऑनलाइन मार्केटप्लेस (मंच) के जरिए अपने उत्पादों की बिक्री नहीं कर सकेंगी।’

नोटिस में कहा गया है कि ई-कॉमर्स कंपनी किसी भी विक्रेता को अपना कोई प्रोडक्ट सिर्फ अपने मंच के जरिए बेचने के लिए मजबूर नहीं कर सकती हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या साझी हिस्सेदारी वाले वेंडरों को दी जाने वाली लॉजिस्टिक जैसी अन्य सेवाएं उचित और बगैर भेदभाव के होनी चाहिए।’

Neha Chouhan

12 साल का अनुभव, सीखना अब भी जारी, सीधी सोच कोई ​दिखावा नहीं, कथनी नहीं करनी में विश्वास, प्रयोग करने का ज़ज्बा, गलत को गलत कहने की हिम्मत...

Leave a Comment

Recent Posts

रोहित शर्मा ने कप्‍तान हार्दिक पांड्या को बाउंड्री पर दौड़ाया।

रोहित शर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फील्डिंग की सजावट की और कप्‍तान हार्दिक पांड्या…

2 years ago

राजनाथ सिंह ने अग्निवीर स्कीम को लेकर दिया संकेत, सरकार लेगी बड़ा फैसला

अग्निवीर स्कीम को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने…

2 years ago

सुप्रीम कोर्ट का CAA पर रोक लगाने से इनकार, केंद्र सरकार से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) रोक लगाने से इनकार कर दिया…

2 years ago

प्रशांत किशोर ने कि लोकसभा चुनाव पर बड़ी भविष्यवाणी

चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। प्रशांत…

2 years ago

सुधा मूर्ति राज्यसभा के लिए नामित, PM मोदी बोले – आपका स्वागत है….

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इंफोसिस के चेयरमैन नारायण मूर्ति…

2 years ago

कोलकाता हाई कोर्ट के पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने थामा भाजपा दामन, संदेशखाली पर बोले – महिलाओं के साथ बुरा हुआ है…

कोलकाता हाई के पूर्व जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय भाजपा में शामिल हो गए है। उन्होंने हाल…

2 years ago