वर्ल्ड फोटोग्राफी डे: कुछ ऐसी तस्वीरें जिन्होंने पूरी दुनियाभर में तहलका मचा दिया

Views : 2689  |  3 minutes read
World-Photography-Day

19 अगस्त का दिन इतिहास के पन्नों में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए जाना जाता है। वहीं फोटोग्राफर्स के लिए आज का दिन बेहद खास है। आज के दिन को दुनियाभर में वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के रुप में सेलिब्रेट किया जाता है। आज के दौर में फोटोग्राफी ना सिर्फ पेशा बल्कि एक शौक के रुप में उभरकर सामने आ रहा है। कई तस्वीरें समाज में अपना बेहद गहरा प्रभाव छोड़ती है। कुछ ना बोलकर भी कितना कुछ कह जाती हैं ये तस्वीरें। ऐसी ही कई तस्वीरें इतिहास के पन्नों में दर्ज की गई है जो अपनी अलग ही विशेषता को लेकर दुनियाभर में सराही गई। विश्व फोटोग्राफी दिवस के मौके पर आइए कुछ ऐसी ही तस्वीरों पर डालते हैं एक नजर, जिन्होंनें पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा…

यह तस्वीर साल 2016 की है जब यह महिला आईएस के चंगुल में रहे गांव से बाहर निकल पाई। अपने स्वतंत्र होने की खुशी महिला ने कुछ इस तरह मनाई।

यह भयानक मंज़र की तस्वीर वर्ष 1984 में भोपाल में हुई गैस त्रासदी का दर्द बयां करती है। इस फोटो को फेमस फोटोग्राफर रघु राय ने खींचा था।

इस तस्वीर में गिद्द बच्चे के मरने का इंतजार कर रहा है। इसे एक दक्षिण अफ्रीकी फोटोग्राफर केविन कार्टर ने वर्ष 1993 में लिया था। इस तस्वीर को कैमरे में कैद करते वक्त केविन इस कद्र दुखी हुए कि उन्होंने कुछ महीने बाद ही सुसाइड कर लिया। यह फोटो आज भी पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचती है।

द्वितीय विश्व युद्ध में जापान से मिली जीत के जश्न में एक अमेरिकी नौसेनिक ने खुशी में एक नर्स को चूम लिया। जिसे अल्फ्रेड इसेनस्टेड नामक फोटोग्राफर ने अपने कैमरे में कद कर लिया।

यह तस्वीर भी दुनियाभर में काफी चर्चित रही। बता दें कि ये तस्वीर चिली के उस दौर की दास्तां बयां करती है जब वहां सैन्या तख्तापलट अभियान की शुरुआत हुई थी। जिसके खिलाफ लोग सड़को पर आ गए थे। इस तस्वीर को कार्लोस वेरा नामक फोटोग्राफर ने सेंटियागो में खींची है। जिसमें एक युवा लड़की पुलिस की आँखों में आँखे डालकर देख रही है।

वर्ष 2004 में आई सुनामी के दर्द को आज भी लोग भुला नहीं पाए है। उस विनाश का दर्द फोटोग्राफर अरको दत्ता की ये तस्वीर बयां कर रही है। जिसे ‘विश्व प्रेस फोटो ऑफ द ईयर‘ का खिताब भी मिला था।

सीरिया के हालात दुनियाभर में किसी से छुपे नहीं हैं। साल 2015 में एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई जिसने पूरी दुनिया को रुला दिया। समुंद्र किनारे महज 3 साल के बच्चे अलान कुर्दी के शव की इस तस्वीर ने दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस तस्वीर को खींचते वक्त फोटोग्राफर नीलोफर देमिर भी अपने आंसू नहीं रोक पाई।

विश्व फोटोग्राफी दिवस: हजारों शब्दों के लिए सिर्फ एक फोटो काफी है, देखिए कुछ चर्चित तस्वीरें..

COMMENT