विश्व हिंदी दिवस: एकता की जान हैं, हिंदी भारत की शान हैं

Views : 1485  |  3 minutes read

हमारे देश की राष्ट्रभाषा को सम्मान देने के लिए और उसके प्रति अपना लगाव जाहिर करने के लिए हर साल 10 जनवरी के दिन हम विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं। इस दिन पूरे विश्व भर में हिंदी भाषा को लेकर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा इस दिन को हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए चुना गया है।

विश्व हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई?

हिंदी भाषा के लिए पहला विश्व हिंदी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था, जहां 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह तो पहला हिंदी सम्मेलन था, लेकिन विश्व हिंदी दिवस मनाने की अधिकारिक घोषणा वर्ष 2006 में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के समय हुई थी, जिसके बाद हर साल 10 जनवरी को हिंदी दिवस मनाया जाने लगा।

कैसे मनाते हैं देश और दुनिया में हिंदी दिवस?

विश्व हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करना है, जिसके लिए 10 जनवरी के दिन इसे अंतराष्ट्रीय भाषा के तौर पर पेश किया जाता है। वहीं स्पेशल तरीके से विदेशों में हर भारतीय दूतावास में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

विश्व हिंदी दिवस के अलावा भारत में भी इस दिन को खास तरीके से मनाया जाता है। भारत मे हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। भारत में इस दिन मनाए जाने के पीछे दरअसल वजह यह है कि 14 सितंबर, 1949 को हिंदी को देश की राजभाषा के तौर पर नामांकित किया गया था।

बर्थडे स्पेशल: छह उंगली वाले इस सुपरस्टार की 100 रुपए थी पहली कमाई

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इसके बाद हर साल 14 सितंबर को हिंदी के ऐतिहासिक महत्व को बनाए रखने के लिए हिंदी दिवस के रूप में मनाए जाने का फैसला लिया।

 

COMMENT