फिल्मी पर्दे पर ‘राजकुमारी’ से लेकर ‘बिंदु’ बनने तक कुछ इस तरह रहा सायरा बानो का सिने करियर

Views : 1304  |  0 minutes read

साल 1968 में रिलीज हुई कॉमेडी फिल्म पड़ोसन ने सायरा बानो को रातोंरात शोहरत की बुलंदियों पर पहुंचाने का काम किया। यूं तो सायरा बानो ने इस फिल्म से पहले कई फिल्मों में काम किया मगर इस फिल्म में उनका बिंदु का किरदार लाखों लोगों के दिलों की धड़कन बन गया। यही वजह है कि यह फिल्म उनके करियर की टर्निंग प्वाइंट साबित हुई। बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा सायरा बानों का आज 74वां जन्मदिन है। इस मौके पर आइए एक नजर डालते है उनके जीवन के कुछ दिलचस्प और अनसुने किस्सों पर।

सायरा को विरासत में मिली एक्टिंग

सायरा बानो का जन्म 23 अगस्त 1944 को मसूरी में हुआ। उनकी मां नसीम बानो भी हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री थी तो वहीं सायरा के पिता मियां एहसान-उल-हक अपने जमाने के मशहूर फिल्म निर्माता थे। तो जाहिर सी बात है घर में फिल्मी माहौल होने के कारण सायरा बानो का रुख फिल्मों की तरफ हो गया।

पढ़ाई करने सायरा कम उम्र में ही लंदन चली गई। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारत लौटने का फैसला किया। बचपन से ही सायरा की दिलचस्पी अभिनय के क्षेत्र में थी। वे एक सफल अभिनेत्री बनने का सपना देखा करती थी। अपने सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने फिल्मों में काम करने का फैसला किया।

सायरा की फिल्मी दुनिया

सायरा ने महज 16 साल की उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। उनकी पहली फिल्म ‘जंगली’ साल 1961 में रिलीज हुई थी। फिल्म में उनके अपोजिट शम्मी कपूर थे। इस फिल्म में सायरा ने अपनी रुमानी अदाओं से सभी को दीवाना बना दिया। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म हिट साबित हुई। सायरा अपनी डेब्यू फिल्म के जरिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर अवॉर्ड हासिल करने में सफल रहीं। फिल्म को मिली सफलता ने सायरा को फिल्म इंडस्ट्री का चहेता बना दिया। फिर क्या था सायरा को एक के बाद एक फिल्में मिलती गई। 60 और 70 का दशक सायरा के लिए सुनहरा दौर साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने बॉलीवुड को कई हिट, सुपरहिट फिल्में दी। बॉलीवुड में सायरा अब सफल अभिनेत्री के रुप में पहचान बना चुकी थी। 1967 का साल सायरा के करियर के लिए बेहद अहम साबित हुआ। इस साल उनकी दो फिल्में ‘दीवाना’ और ‘शार्गिद’ रिलीज हुई जो सुपरहिट साबित हुई। 1968 में रिलीज हुई फिल्म ‘पड़ोसन’ सायरा बानो के सिने करियर में मील का पत्थर कही जाती है।

जब सायरा की जिंदगी का सपना हुआ पूरा

सायरा जब बॉलीवुड में शोहरत की बुलंदियों पर थी बिना अपने करियर की परवाह किए उन्होंने शादी करने का फैसला लिया। वो भी अपने से 22 साल बड़े आदमी से। जी हां वो शख्स है हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार दिलीप कुमार। सायरा बानो और दिलीप कुमार ने ना सिर्फ बॉलीवुड बल्कि दुनिया के सामने अपने प्यार की मिसाल कायम की है। उन्होंने साबित कर दिखाया कि प्यार के सामने उम्र महज एक नंबर है इससे ज्यादा कुछ नहीं। दिलीप कुमार से शादी करना सायरा की जिंदगी का सपना था। जिसे उन्होंने 11 अक्टूबर, 1966 को हकीकत में तब्दील किया। दोनों ने इस दिन शादी की थी। महज 12 साल की उम्र में ही सायरा अपना दिल दिलीप कुमार को दे बैठी थी। शादी के समय सायरा की उम्र 22 साल और दिलीप कुमार 44 साल के थे। पिछले 53 सालों से बॉलीवुड की ये दिग्गज जोड़ी साथ है। सायरा और दिलीप कुमार की कोई संतान नहीं है।

इन फिल्मों में किया साथ काम

शादी के बाद पहली बार ये जोड़ी साल 1970 में रिलीज हुई फिल्म ‘गोपी’ में नजर आई। इसके बाद रियल लाइफ की ये जोड़ी ‘सगीना’, ‘बैराग’ और ‘दुनिया’ जैसी फिल्मों में भी नजर आई। दिलीप कुमार के साथ सायरा ने अपने सिने करियर की कुल 5 फिल्में की थी।

COMMENT