बर्थडे स्पेशल: जब एक डांडिया समारोह में फाल्गुनी पर लगा था ये गंभीर आरोप!

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एक भारतीय गायक, परफॉर्मेंस आर्टिस्ट और संगीतकार फाल्गुनी पाठक का जन्म 12 मार्च, 1964 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 1997 में अपने कॅरियर की शुरुआत की और पूरे भारत में जबरदस्त प्रशंसा हासिल की। आज फाल्गुनी अपना 56वां जन्मदिन मना रही हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर आइए एक नजर डाले उनकी जिंदगी से जुड़ी दिलचस्प बातों पर।

अपनी सुरीली आवाज और दमदार गानों के लिए फाल्गुनी को ‘भारतीय मैडोना’ भी कहा जाता है। उनके कुछ लोकप्रिय गीत ‘चुडी जो खाकी हाथो में’, ‘मैने पायल है छनकाई’, ‘मेरी चुनर उड़ उड़ जाए’, ‘आयी परदेश से परियों की रानी’ और ‘सावन में’ हैं।

फाल्गुनी को ‘क्वीन ऑफ डांडिया’ के रूप में भी जाना जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी मगर फाल्गुनी पर गुजरात में आयोजित हुए एक डांडिया कार्यक्रम में विवादों का सामना करना पड़ा था।

दरअसल साल 2010 में गुजरात के अंकलेश्वर में एक नवरात्रि उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव के दौरान, कुछ स्थानीय लोगों ने फाल्गुनी पाठक और अभिनेत्री शेफाली जरीवाला पर अपने प्रदर्शन के दौरान दोहरे अर्थ वाले शब्दों का इस्तेमाल करने और मंच पर अश्लील इशारे करने का आरोप लगाया था। एक संगठन के सदस्यों ने रूच के जिला कलेक्टर को 50 से अधिक लोगों के हस्ताक्षरित एक ज्ञापन सौंपा, जो पाठक, जरीवाला और गरबा आयोजकों के खिलाफ था।

शिकायतकर्ताओं में से एक, भावेश पटेल के अनुसार, “हमें ऐसे कलाकारों की टिप्पणियों और व्यवहार के बारे में शिकायतें मिली हैं जो अश्लील थे और ऐसे धार्मिक महत्व के अवसर के लिए उपयुक्त नहीं थे। हमने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है और अंकलेश्वर के ग्रामीण पुलिस स्टेशन में शिकायत भेजी है। हमने कार्यक्रम की एक रिकॉर्ड की गई सीडी भी जमा की है।”

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